एडीबी ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाकर सात प्रतिशत किया
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का ताजा अनुमान 7.2 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया है.
एडीबी की रिपोर्ट में इसकी वजह विकसित देशों की आर्थिक वृद्धि में नरमी आना बताया गया है जिसके चलते व्यापार योग्य सेवाओं के कारोबार पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है.
हालांकि, एडीबी के अनुसार इसके बावजूद भी भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा. आर्थिक वृद्धि के मामले में वह चीन से आगे रहेगा.
एडीबी ने अपने एशियाई विकास परिदृश्य-2019 में कहा कि अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार युद्ध की वजह से 2019 में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत और 2020 में 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
वहीं भारत को लेकर एडीबी ने 2020-21 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. उसका कहना है कि हाल में कारोबार सुगमता बढ़ने, बैंकों की मजबूती और कृषि संकट से राहत जैसे सुधारों से इसमें मदद मिलेगी.
हालांकि, यह एडीबी के अप्रैल में जताए अनुमान से कम है. अप्रैल में एडीबी ने 2019 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने और उससे पहले 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था जो अब घटकर सात प्रतिशत रह गया है.
एडीबी ने इसके साथ ही दक्षिण एशियाई क्षेत्र की वृद्धि में तेजी के अनुमान को बरकरार रखा है. वर्ष 2019 में इस क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत और 2020 में 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है