मांग में कमी के कारण प्रमुख कार निर्माता कंपनियां रोक रही उत्पादन


Auto sales fall 21% in May facing worst decline in of 18 year

 

भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है. दो पहिया और चार पहिया वाहनों की बिक्री लगातार घट रही है. निर्माता कंपनियों के पास इनका स्टॉक बढ़ता जा रहा है. जिसके चलते ये कंपनियां उत्पादन को रोकने के लिए विवश हो रही हैं.

खबरों के मुताबिक प्रमुख कार निर्माता कंपनी मारुति, टाटा, हॉन्डा और महिंद्रा ने कुछ निश्चित समय के दौरान उत्पादन रोकने का फैसला किया है. इन कंपनियों के पास कुल मिलाकर 35 हजार करोड़ कि कारें बिक्री का इंतजार कर रही हैं.

अगर दो पहिया वाहनों की बात करें तो इनके स्टॉक में करीब तीस लाख यूनिट्स बिकने का इंतजार कर रही हैं. इनकी कुल कीमत करीब 17,000 करोड़ रुपये है.

इसके चलते उत्पादन पर ब्रेक लगाना ही एकमात्र उपाय है. कुछ बड़ी कंपनियां पिछले महीने से ही उत्पादन पर रोक लगा चुकी हैं, और अब इसे आगे बढ़ाने जा रही हैं.

मारुति सुजुकी ने अपने उत्पादन को 23 से 30 जून के बीच रोकने का फैसला किया है, जबकि महिंद्रा 2019-20 की पहली तिमाही में 5-13 दिनों तक अपना उत्पादन बंद करेगा.

इससे पहले टाटा मोटर्स का साणंद का प्लांट 27 मई से तीन जून के बीच बंद रहा. वहीं हांड़ा का उत्पादन पांच से आठ जून के बीच बंद रहा. अन्य कार कंपनियां निशान और स्कोडा भी इस महीने चार से 10 दिन उत्पादन बंद रखेंगी.

कार निर्माता कंपनियों के इस फैसले के चलते मई-जून के महीने में कुल कार उत्पादन में 20 से 25 फीसदी की कमी आएगी. वाहन ना बिकने के चलते कंपनियों पर बहुत अधिक वित्तीय दबाव पड़ता है. उन्हें इसके लिए जीएसटी भी चुकाना पड़ता है.

अगर सिर्फ मारुति सुजुकी की बात करें तो इसके पास दो कारखाने हैं. एक गुरुग्राम और दूसरा मानेसर में है.

कंपनी कुल उत्पादन क्षमता 15.5 लाख यूनिट की है. इस समय कंपनी के पास 50,000 वाहन स्टॉक में हैं, जबकि पहले औसतन सिर्फ 25,000-30,000 कारें ही एक समय पर रहती थीं.


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