किसानों की आय दोगुनी करने की योजना पर WTO के सदस्यों को ऐतराज
प्रधानमंत्री मोदी की 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की योजना पर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सदस्य देशों ने सवाल खड़े कर दिए हैं. इन देशों के सवाल त्रैमासिक कृषि समिति की बैठक में सामने आए हैं.
डब्ल्यूटीओ ने कृषि क्षेत्र को दी जाने वाली सहायता के लिए कठोर नियम बना रखे हैं. सदस्य देश बाकी देशों पर किसी तरह की धोखेबाजी को लेकर नजर रखते हैं. ऐसा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के चलते होता है.
खबरों के मुताबिक भारत और अमेरिका से इस संबंध में सवाल पूछे गए हैं. ये दोनों देश अपने किसानों के लिए बड़ी सहायता योजनाएं चला रहे हैं. 62 पेज के इन सवालों पर 25-26 जून की बैठक में सफाई मांगी जाएगी.
इस समय दोनों देशों के नेता अपने घरेलू मोर्चे पर सुधार के लिए प्रयास कर रहे हैं. एक ओर जहां ट्रंप ट्रेड वार से होने वाले घरेलू नुकसान से बचना चाहते हैं वहीं मोदी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में सुस्ती दूर करने के प्रयास कर रहे हैं.
इन सवालों में प्रमुख तौर पर यूरोपीय यूनियन ने भारत से पूछा है कि उसकी सरकार कृषि क्षेत्र में 25 लाख करोड़ रुपये कैसे खर्च करेगी. इसमें पूछा गया है, “वैश्विक बाजार में उत्पाद मूल्यों और नियमों को ध्यान में रखते हुए इतनी अधिक सहायता कैसे दी जाएगी.”
इससे पहले अमेरिका ने भारत से बासमती के इतर चावल के निर्यात पर दी जाने वाली पांच फीसदी सब्सिडी और गेहूं की खरीद के बढ़ते मूल्य पर सवाल खड़ा किया था.
इसके अलावा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भारत से कृषि के लिए यातायात और मार्केटिंग सहायता को लेकर सफाई मांग रहे हैं. इस मामले में ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि भारत निर्यात सब्सिडी दे रहा है, जिसे खत्म किया जाना चाहिए.