नरेश गोयल को दिल्ली हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत


naresh goyal not allowed to travel abroad

 

जेट एयरवेज के पूर्व अध्यक्ष नरेश गोयल को दिल्ली हाइकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है. दिल्ली हाइकोर्ट के जज वी. बखरू ने गोयल की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है. कोर्ट अब 8 जुलाई को गोयल की याचिका पर सुनवाई करेगा.

असल में सरकार ने गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) को अब बंद हो चुकी विमानन कंपनी जेट एयरवेज के मामलों में जांच का आदेश दिया है. सरकार ने यह आदेश बड़े स्तर पर अनियमिताएं पाए जाने और कोष की हेराफेरी की जानकारी सामने आने के बाद दिया है.

इसी के बाद गोयल की विदेश यात्रा पर रोक लगाई गई है. इसी संबंध में उनके खिलाफ लुक ऑउट सर्कुलर जारी किया है. गोयल ने इसी लुक ऑउट सर्कुलर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका डाली है.

धोखाधड़ी के मामले में सरकार ने एसएफआईओ से जांच रिपोर्ट 6 महीने में सौंपने के लिए कहा है. एसएफआईओ जांच का सामना करने वाली कंपनियों में जेट लाइट लिमिटेड और जेट प्रिविलेज लिमिटेड शामिल हैं.

इससे पहले आरओसी की रिपोर्ट के आधार पर एसएफआईओ ने जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर का अनुरोध किया था. इसके चलते गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल को 25 मई को देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई थी.

नकदी संकट और अपने ऋण दायित्वों को पूरा नहीं करने के कारण जेट एयरवेज की सेवाएं 17 अप्रैल को बंद कर दी गई थीं. गौरतलब है कि जेट एयरवेज पर 25 अन्य बैंकों का 8,500 करोड़ रुपये बकाया है. साथ ही कंपनी पर 23,000 कर्मचारियों और सैकड़ो वेंडरों का भी 13 हजार करोड़ रुपये बकाया है. जेट एयरवेज पर 1.2 अरब डॉलर का कर्ज है. उसपर ये कर्ज बैंकों, लेनदारों, पायलटों, सप्लायर्स और तेल कंपनियों के हैं.


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