दिल्ली: आप-कांग्रेस गठबंधन पर बहस जारी


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आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के मुद्दे पर कांग्रेस में मतभेद की खबरें अब खुलकर सामने आने लगी हैं.

दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी और वरिष्ठ पार्टी नेता पीसी चाको ने लोकसभा चुनाव के लिए दोनो दलों के  बीच गठबंधन को जरूरी बताकर एक बार फिर दोनों पार्टियों के गठबंधन की संभावनाओं को खोल दिया है.  उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता राजधानी में आप और कांग्रेस का गठबंधन चाहते हैं.

उन्होंने राजधानी के 52,000 कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आप के साथ गठबंधन के मुद्दे पर उनकी राय जाननी चाही. चाको का कहना था कि सभी कार्यकर्ता आप के साथ गंठबंधन के पक्ष में हैं.

वहीं, दिल्ली कांग्रेस प्रमुख शीला दीक्षित ने इस सर्वेक्षण पर आपत्ति जताई है.

उन्होंने कहा, “मुझे इस सर्वेक्षण के बारे में कुछ नहीं मालूम है. शीर्ष नेताओं को यह फैसला लेने से पहले मुझे बताना चाहिए था. मैं इस मुद्दे के बारे में शीर्ष नेतृत्व से बात करूंगी. कांग्रस अध्यक्ष राहुल गांधी जी गठबंधन पर साफ तौर से मना कर चुके हैं. इसलिए इस तरह की किसी भी सर्वेक्षण की जरूरत नहीं थी.”

वहीं, सोमवार 11 मार्च को बूथ स्तर के सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कड़ी मेहनत करने की गुजारिश की थी. राहुल के इस बयान से संकेत मिला था कि कांग्रेस दिल्ली में अकेले ही चुनाव लड़ेगी.

माना जा रहा है कि शनिवार को राहुल गांधी के सामने इस सर्वेक्षण के नतीजे पेश किए जाएंगे.

वहीं दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन ने शीला दीक्षित की आपत्ति पर हैरानी जाहिर की. उन्होंने कहा, “यह फैसला राहुल गांधी का था. उनके निर्देशन में ही यह सर्वेक्षण इस तरह से किया गया है. इसलिए कांग्रेस में अगर कोई उनके फैसले पर सवाल उठा रहा है तो यह गलत है. पार्टी कार्यकर्ता होने के नाते मैंने राहुल जी को अपनी राय बता दी थी.”

सूत्रों के मुताबिक,  28 फरवरी को चाको ने शीला दीक्षित से मुलाकात की थी. मुलाकात में चाको ने दिल्ली में आप के साथ गठबंधन करने की राय दी थी.

वहीं आप के साथ गठबंधन के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व में कायम दुविधा पर आम आदमी पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस बीजेपी के खिलाफ फैसला लेने में कमजोर नजर आ रही है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा एमपी संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी को उनके गृह राज्य गुजरात भेजने पर ध्यान देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने लोकतंत्र को बचाने की चुनौती है. हमें नफरत की राजनीति को हराना है, जिससे हमारे संघवाद को खतरा है.

आम आदमी पार्टी के दिल्ली के संयोजक गोपाल राय ने कहा, “हमारे सामने मौजूद चुनौतियों की तुलना में कांग्रेस काफी धीमे चल रही है. पहले ही काफी देर हो चुकी है.”


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