तीन पीएसयू की रणनीतिक बिक्री के लिए बोलियां आमंत्रित, खत्म होगा प्रबंधकीय नियंत्रण


acute liquidity squeeze chocking sales in rural markets says hul

 

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सरकार की ओर से तीन सार्वजनिक उपक्रमों-कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकॉर), नीपको तथा टीएचडीसी इंडिया में नियंत्रक हिस्सेदारी की बिक्री के संबंध में (सलाहकारों को अनुबंधित करने के लिए) बोलियां आमंत्रित की हैं.

इससे पहले इसी महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कॉनकॉर में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. अभी सरकार की कंपनी में 54.80 प्रतिशत हिस्सेदारी है. हिस्सेदारी बिक्री के बाद सरकार का कंपनी से प्रबंधकीय नियंत्रण समाप्त हो जाएगा.

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने बिजली कंपनियों टीएचडीसी इंडिया और नार्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (नीपको) में हिस्सेदारी एनटीपीसी को बेचने को भी मंजूरी दे दी है.

रणनीतिक विनिवेश के तहत खरीदार के पास प्रबंधन नियंत्रण भी रहता है.

टीएचडीसी केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच 75-25 अनुपात का संयुक्त उद्यम है. केंद्र सरकार की नीपको में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

कॉनकॉर का नाम लिए बिना एक अलग नोटिस में कहा गया है कि सरकार रेल मंत्रालय के तहत एक सरकारी कंपनी में अपनी कुल चुकता इक्विटी हिस्सेदारी के आंशिक विनिवेश पर विचार कर रही है. इसके साथ प्रबंधन नियंत्रण भी स्थानांतरित किया जाएगा. इन विनिवेश के लिए जरूरी अनुभव रखने वाली प्रतिष्ठित इकाइयों से प्रस्ताव मांगे गए हैं. ये इकाइयां विनिवेश प्रक्रिया में लेनदेन-कानूनी सलाहकार-संपत्ति मूल्यांकन की भूमिका निभाएंगी और सरकार को इसमें मदद करेंगी.

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से 1.05 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. आंकड़ों के अनुसार अभी तक सरकार विनिवेश से 12,357.49 करोड़ रुपये जुटा पाई है.

 


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