मोदी सरकार के दौरान दंगों में 28 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी


farmer who was praised by narendra modi attempted suicide

 

भारत में साल 2004 से 2017 के बीच साम्प्रदायिक हिंसा की 10,399 घटनाएं हुईं जिसमें 1,605 लोग मारे गए और 30,723 लोग घायल हुए. गृह मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में यह जानकारी दी.

गृह मंत्रालय ने आरटीआई अर्जी के जवाब में कहा कि हिंसा के सबसे कम 580 मामले 2011 में दर्ज किए गए. इस दौरान 91 लोगों की मौत हुई और 1,899 लोग घायल हुए.

इस दौरान साम्प्रदायिक झड़पों, दंगों और लड़ाइयों के संबंध में कितने लोग गिरफ्तार और दोषी सिद्ध हुए, इसके जवाब में बताया गया है कि ऐसे आंकड़े राज्य सरकार के पास होते हैं. पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य के विषय हैं.

आरटीआई कार्यकता के मुताबिक उन्होंने सरकार से यह आंकड़ा इसलिए मांगा ताकि यूपीए और एनडीए सरकारों के दौरान की चीजें साफ हो सके. उनका कहना है, ‘‘मैं साम्प्रदायिक झड़पों, लड़ाइयों या दंगों की घटनाओं पर तथ्यों को सामने लाना चाहता था. इसलिए मैंने 2004 से 2017 तक के राज्यवर ब्यौरे मांगे.’’

अगस्त 2017 में लोकसभा में दंगों से जुड़े सवाल के जवाब में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने सदन को बताया कि 2014 से 2017 के बीच देश भर में 2494 दंगों की घटनाएं हुईं जिसमें 342 लोग मारे गए और 8398 हताहत हुए. गृह मंत्रालय की इस रिपोर्ट को देखने से यह भी मालूम पड़ता है कि सबसे ज्यादा दंगे बीजेपी शासित राज्यों में हुए है.

2014 से 2017 के बीच महाराष्ट्र में 290, मध्य प्रदेश में 234, कर्नाटक में 315, गुजरात में 202, राजस्थान में 227 और उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 510 घटनाएं हुईं.

इसके अलावा 2013 के मुजफ्फरनगर दंगा को लेकर भी कई बीजेपी नेताओं पर इसमें शामिल होने का आरोप लगा था. देश में 2002 के गुजरात दंगा के बाद होने वाले इस सबसे बड़े दंगे में करीब 60 लोगों के मारे जाने और 40 हजार से ज्यादा के विस्थापित होने की रिपोर्ट है.

लोकसभा में पेश किया गया यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस दावे को झूठलाती भी है जिसमें अपने कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर उन्होंने कहा था कि इस बीच राज्य में कोई भी दंगा नहीं हुआ है.

लोकसभा में ही 11 दिसंबर 2018 को केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने दंगों से जुड़े सवाल के जवाब में कहा था कि 2014 से 2017 के बीच देश में हुए दंगों की संख्या में 28 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई.

देश भर में 2014 में जहां 644, 2015 में 751, 2016 में 703 वहीं 2017 में 822 दंगें हुए.

इस बीच उत्तर प्रदेश को छोड़ कर इन तमाम राज्यों में बीजेपी की सरकार थी. वहीं उत्तर प्रदेश में 2017 में बीजेपी शासन के दौरान करीबन एक साल में 195 से अधिक इस तरह की घटना हुई जिसमें 44 लोगों की मौत और 542 घायल हुए थे. जबकि देश भर में इस साल कुल 822 दंगें हुए थे.

2017 में बिहार में भी दंगों की संख्या में 32 फ़ीसदी का इजाफा देखने को मिला. गृह मंत्रालय के हिसाब से 2017 में यहां इस तरह की 85 घटना की रिपोर्ट दर्ज हुई थी वहीं 2016 में इसकी संख्या 65 थी.

2017 में ही बलात्कार के आरोप में राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद से कई राज्यों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. कई जगह दंगा भड़क जाने की भी ख़बर मिली थी. इस दौरान करीबन 30 से ज्यादा लोग मारे गए थे.


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