अब कॉरपोरेट सोशल जवाबदेही कानून का उल्लंघन आपराधिक मामला नहीं


nirmala sitharaman announces merger of ten banks

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में आर्थिक मंदी के आने से इनकार करते हुए कहा है कि वैश्विक डिमांड में कमी आई है.

सीतारमण ने कहा कि भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर वैश्विक अर्थव्यवस्था या किसी अन्य बड़ी अर्थव्यवस्था से कहीं अधिक है. सीतारमण कॉरपोरेट सोशल जवाबदेही कानून में ढील देने की बात कही है. अब सीएसआर का उल्लंघन अपराध नहीं माना जाएगा.

उन्होंने कहा कि सीएसआर नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा.

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सुधार एक सतत प्रक्रिया है. यह उनकी सरकार के एजेंडा में शीर्ष पर है.

उन्होंने कहा कि वैश्विक वृद्धि दर का अनुमान कम किया जा सकता है. अभी इसके 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर मांग कमजोर रहेगी. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक औसत या अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है.

सीतारमण ने कहा कि अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और मुद्रा के अवमूल्यन की वजह से वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव पैदा हुआ है.

सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और घरेलू निवेशकों की शेयरों की खरीद – फरोख्त से होने वाली आय पर ऊंचे कर – अधिभार को वापस ले लिया और इस मामले में पुरानी स्थिति बहाल कर दी है.

इसके अलावा, स्टार्टअप कंपनियों को एंजल कर से छूट, मुश्किल में फंसे वाहन उद्योग के लिए राहत उपाय और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये की अग्रिम पूंजी डालने की घोषणा की. इससे बैंक अधिक मात्रा में नकदी उपलब्ध करा सकेंगे.

वित्त मंत्री ने वादा किया सुधार और उपायों की घोषणा अगले हफ्ते भी जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि रीयल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े कदमों की घोषणा अगले हफ्ते की जाएगी.

सीतारमण ने एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, उनके अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिन के अंदर करने को कहा है. इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शुरू में ही 70 हजार करोड़ रुपये की पूंजी डाली जायेगी. इससे बैंक बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये तक की नकदी जारी करने में सक्षम होंगे.

रीयल एस्टेट क्षेत्र में सुधार के लिए आवास वित्त कंपनियों को अतिरिक्त नकदी सहायता बढ़ाकर 30,000 करोड़ रुपये की गई.

वाहन क्षेत्र के लिए कई राहत उपाये किए गए हैं. इनमें 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए बीएस -4 उत्सर्जन मानक के वाहन, उनकी पंजीकरण की पूरी अवधि तक परिचालन में बने रहेंगे. साथ ही 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए वाहनों पर 15 प्रतिशत के अतिरिक्त मूल्यह्रास की अनुमति है.

इस वर्ष बजट घोषणा के बाद से शेयर बाजार में लगातार गिरावट का रुख बना हुआ था. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक बाजार से निकासी कर रहे थे. उधर, यात्री वाहनों की बिक्री में जुलाई माह में तीव्र गिरावट दर्ज की गई. वाहन उद्योग मांग की कमी से जूझने लगा था. देश- दुनिया से आर्थिक सुस्ती को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही थी. निवेशकों और उद्योग जगत की तरफ से सरकार की ओर से प्रोत्साहन उपाय किये जाने की मांग ने जोर पकड़ लिया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन का भी वित्त मंत्री ने जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने कहा था कि परिसंपत्तियों का सृजन करने वालों का सम्मान होना चाहिए. सीतारमण ने कहा कि उनके 2019-20 के बजट में भी यह भावना थी.

वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के साथ बैठक की है ताकि उनकी जरूरतों के बारे में समझा जा सके. ‘‘हमारे सुधारों की रफ्तार कम नहीं हुई है.’’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुपर रिच पर लगने वाले टैक्स को वापस लेने का एलान किया है. कंपनियों या व्यक्तियों की सालाना टैक्सेबल आय दो करोड़ रुपये से पांच करोड़ के बीच है, उनपर सरचार्ज को बढ़ाकर के 15 से 25 फीसदी कर दिया गया था.  जबकि पांच करोड़ रुपये से अधिक की टैक्सेबल आय पर सरचार्ज को 15 फीसदी से बढ़ाकर 37 फीसदी कर दिया था.


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