कार्ल मार्क्स: जिनके विचारों ने दुनिया को नई राह दिखाई
कार्ल मार्क्स का चिंतन पूंजीवाद के चक्र में पिसते सर्वहारा का चिंतन है. उन्होंने अपने दर्शन में बताया है कि किस तरह पूंजीवाद मजदूरों का शोषण करता है. उन्हें उतनी ही मजदूरी मिलती है कि अगले दिन काम पर आ सके. मजदूर के श्रम का ज्यादातर हिस्सा पूंजीपतियों के हाथों में सरप्लस के रूप में चला जाता है.

दुनिया के मजदूरों एक हो का नारा देने वाले कार्ल मार्क्स ने सर्वहारा को एक क्रांतिकारी ताकत बताया था. उनका मानना था कि सर्वहारा वर्ग मानव विकास के क्रम में पूंजीवाद को साम्यवाद तक लेकर जाएगा और मानव को उजरती गुलामी से मुक्ति देगा. उन्होंने इतिहास की व्याख्या करते हुए बताया कि दुनिया का इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास है.

उन्होंने प्रश्न किया कि तमाम दर्शन ये सोचने में लगे थे कि संसार का निर्माण कैसे हुआ. किसी ने भी इस संसार को बदलने की बात नहीं की. कार्ल मार्क्स ने ही सबसे पहले दर्शन को आदर्शवाद के चंगुल से मुक्त कर भौतिकवाद के धरातल पर ला खड़ा किया. उन्होंने महान दार्शनिक हीगेल के द्वंद्व के सिद्धांत की वैज्ञानिक आलोचना कर द्वंद्वात्मक भौतिकवाद का सिद्धांत दिया. इतिहास को वैज्ञानिक ढंग से समझने का नजरिया भी उनके ऐतिहासिक भौतिकवाद की देन है.

कार्ल मार्क्स अपने विचारों की वजह से कई सरकारों की आंख की किरकिरी थे. उन्हें कई देशों से निकाल दिया गया. फ्रांस में हीगेल के विचारों पर लिखने की वजह से देश निकाला दे दिया गया. इसके बाद वो ब्रसेल्स चले गए जहां उन्होंने कम्युनिस्ट लीग की स्थापना की. 1848 में एंगेल्स के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय समाजवाद का कम्युनिस्ट घोषणापत्र तैयार किया.

1842 मे शिक्षा खत्म करने के बाद मार्क्स ने राइनिशे जीतुंग नाम से एक अखबार का प्रकाशन शुरू किया. सरकार ने सर्वहारा वर्ग के विचारों के प्रचार-प्रसार के आरोप में 15 महीनों के बाद इसका प्रकाशन बंद करवा दिया.

जर्मन दार्शनिक कार्ल मार्क्स अर्थशास्त्र, इतिहास, समाजशास्त्र, राजनीति और साहित्य के सिद्धांतकार थे. इनकी पैदाइश 5 मई 1818 को जर्मनी के एक यहूदी परिवार में हुई थी. बर्लिन और जेना विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र, इतिहास और दर्शन की पढ़ाई करने के बाद यूनानी दार्शनिक दिमॉक्रितस और एपीक्यूरस के प्राकृतिक दर्शन पर डॉक्टरेट किया.

14 मार्च 1883 को इस महान क्रांतिकारी दार्शनिक ने अपनी आंखें मूंद ली. उनकी मृत्यु को ऐंगल्स ने सर्वहारा और ऐतिहासिक विज्ञान की अपार क्षति बताया था.