टेक्सास में ट्रंप से ज्यादा पसंद किए जाने वाले नेता हैं बर्नी सैंडर्स: पोल
अमेरिका में 2020 में होने वाले आम चुनाव में क्षेत्र और जनसंख्या के मामले में दूसरा सबसे बड़ा राज्य टेक्सास अहम किरदार निभाएगा. ताजा पोलिंग से पता चला है कि वहां की जनता जिसे वोट देगी वो इस बात पर निर्भर करेगा कि डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार कौन है.
टेक्सास विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर ओपिनियन रिसर्च (सीओआर) के डेटा में यह सामने आया है. ऐसा लग रहा है कि भले डेमोक्रेटिक पार्टी का कोई अन्य उम्मीदवार राष्ट्रपति पद के लिए चुनौती दे सकता हो या नहीं, लेकिन बर्नी सैंडर्स के लिए ऐसा कहना गलत होगा.
सीओआर के पोल में सैंडर्स के अलावा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और टेक्सास के पूर्व कांग्रेस सदस्य बेटो-ओ-राउरके ट्रंप को पछाड़ने में कामयाब हुए हैं.
उनके अलावा राज्य में हुए सीओआर पोल में इंडियाना के मेयर पीट बुटाजज, कैलिफॉर्निया की सीनेटर कमला हैरिस और मैसाचुसेट्स की सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन अपनी जगह बनाने में नाकाम हुए हैं.
सैंडर्स और बाइडेन को बराबर वोट मिले हैं. दोनों को 4 फीसदी वोट मिले हैं. लेकिन ट्रंप-सैंडर्स को लेकर कुछ मतदाता असमंजस में थे, जबकि ट्रंप-बिडेन को लेकर लोगों की राय स्पष्ट थी. इसका मतलब यह है कि बाइडेन के मुकाबले सैंडर्स को टेक्सास के लोगों ने ज्यादा पसंद किया है. और जिन मतों का कोई साफ पक्ष नहीं है वो भी काफी अहम है. ट्रंप और सैंडर्स के मामले में यह 20 फीसदी से कम कभी नहीं हैं. इससे नतीजों में खास प्रभाव पड़ सकता है.
टेक्सास में जनसांख्यिकी बहुत महत्वपूर्ण है. यहां ना केवल स्पेन मूल के रहने वालों (हिस्पेनिक) की आबादी में बढ़ोत्तरी हो रही है, बल्कि कई मुख्य शहरों की आबादी भी बढ़ रही है. डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए लैंगिक रूप से निर्पेक्ष समूह (लाटिंक्स) और शहरवासी काफी अहम भूमिका रखते हैं.
टेक्सास के अखबार ‘द टेक्सास ट्रिब्यून’ में छपे ‘हीट इंडेक्स’ में दिखाया गया है कि कैसे जिला-दर-जिला स्तर पर जनसांख्यिकी में बदलाव का असर चुनाव पर पड़ेगा.
माना जा रहा है कि महज जनसांख्यिकी की वजह से ही डेमोक्रेट्स राज्य का मिजाज बदलने में कामयाब नहीं हुए हैं. बेटो-ओ-राउरके के हाथों टेक्सास के सीनेटर टेड क्रुज की शिकस्त की वजह टेक्सास के लोगों के मन में ट्रंप विरोधी भावनाएं पैदा हुई हैं.
टेक्सास में प्राइमरी मतदान में ओ-राउरके और बाइडेन सैंडर्स से आगे चल रहे हैं. सीओआर के डेटा से पता चलता है कि आम चुनाव में सैंडर्स का प्रदर्शन बाइडेन से बेहतर था. उनका ओ-राउरके के साथ लगभग मामला बराबर का था.
पिछले महीने डेट्रॉइट में हुए वादविवाद में ओ-राउरके और बाइडेन दोनों ने ही अनुकूलता खो दी थी. सिर्फ सैंडर्स ने ही राज्य में अपनी पकड़ मजबूत की है. यह संकेत है कि 2020 में होने वाले आम चुनाव और उससे पहले होने वाले प्राथमिक चुनाव में टेक्सास अहम भूमिका निभाएगा.