फ्रांस में अब तक का सबसे गर्म दिन, पारा 44 डिग्री के पार


several hundred died in france due to heat wave

 

फ्रांस सहित यूरोप के मुख्य भू-भाग में प्रचंड गर्मी पड़ रही है. फ्रांस के दक्षिण-पूर्वी भाग का तापमान 44.3 डिग्री सेंटिग्रेड रिकॉर्ड किया गया है. अगस्त 2003 में दक्षिण फ्रांस के मोंटपेलियर और निमेस का अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेंटिग्रेड दर्ज किया गया था.

फ्रांस में गर्मी को देखते हुए स्कूलों को बंद कर दिया गया है और अभिभावकों के लिए बच्चों को घर पर रखने की सलाह जारी की गई है. एहतियात के तौर पर मिडिल स्कूल की परीक्षाएं अगले सप्ताह तक के लिए टाल दी गई हैं.

वहीं स्पेन के कोरडोबा के एंडालुसिया इलाके में 17 साल के किशोर की मौत गर्मी की चपेट में आने से हो गई.  27 जून को 80 साल के एक वृद्ध की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो गई जबकि दो लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. माना जा रहा है कि गर्मी की चपेट में आने से लोगों को दिल का दौरा पड़ रहा है.

स्पेन में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेंटिग्रेड पहुंचने के बाद कैटालोनिया, नवारे और बेसक्यू में रेड अलर्ट जारी किया गया है. कैटालोनिया में आग लगने से 6,500 हेक्टेयर में फैले 20,000 पेड़ जलकर खाक हो गए. आग पर काबू पाने के लिए सैकड़ों अग्निशमन दस्तों को लगाया गया है.

गर्मी से राहत पाने की कवायदों के तहत फ्रांस के कई शहरों में स्वीमिंग पूल में प्रवेश को मुफ्त कर दिया गया है. जबकि देशभर में बिजली की खपत में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रचंड गर्मी से निपटने के लिए जोखिम लेने से बचने की अपील की है. उन्होंने दोपहर से दो बजे के बीच बाहर घूमने से मना किया है. अपील में हर हाल में कार में बच्चों को नहीं छोड़ने को कहा है.

वहीं फ्रांस के पेरिस, लेयोन, मरसैली और स्ट्रैसबोर्ग सहित कई शहर गाड़ियों से लगने वाले सड़क जाम की वजह से वायु प्रदूषण का सामना कर रहे हैं.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने ग्लोबल वॉर्मिंग को प्रचंड गर्मी की वजह बताया है. उन्होंने कहा कि हमें ढांचे और काम के तरीके को बदलने के साथ-साथ अलग तरह से मकान बनाने की जरूरत है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन की कटौती के वादे को पूरा नहीं कर पाया है.

इटली के मिलान में 72 साल के एक बेघर वृद्ध को मृत पाया गया. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक गर्मी की वजह से उनकी मौत हुई है.

जर्मनी में गर्मी से राहत पाने के लिए नहाने के दरम्यान कम-से-कम चार लोगों की मौत हुई है.

ब्रिटेन के लंदन में 32 डिग्री सेंटिग्रेड तापमान रिकॉर्ड किया गया.

पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से यूरोप में भयंकर गर्मी पड़ रही है.


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