फ्रेंच ओपन आयोजकों पर लगे लिंगभेद के आरोप
फ्रेंच ओपन टूर्नामेंट में फाइनल्स से कुछ दिन पहले आयोजकों पर महिला खिलाड़ियों के साथ लिंगभेद के आरोप लगे हैं. आरोप हैं कि बारिश के बाद शेड्यूल में किए गए बदलाव में आयोजकों ने महिला खिलाड़ियों के आज होने वाले सेमीफाइनल्स मैच मुख्य कोर्ट की जगह छोटे कोर्ट में रखे.
5 जून को महिला फ्रेंच ओपन टूर्नामेंट के दो क्वार्टरफाइनल मैच बारिश के चलते टाल दिए गए थे. जिसकी वजह से खेल आयोजकों ने 6 जून को होने वाले माहिला सेमीफाइनल्स की तारीख एक दिन आगे बढ़ाते हुए 7 जून तय की थी.
पहले से तय शेड्यूल से अलग अब एश्ले बार्टी और अमांडा अनीसिमोवा के बीच सेमीफाइनल सुजाने लेंगलेन कोर्ट में खेला जाएगा. जबकि जोहाना कोंटा और मार्केटा वोनड्रोयूसोवा के बीच पांच हजार की दर्शक संख्या वाले सिमोने-मैथ्यू कोर्ट में खेला जाएगा.
वहीं रोजर फेडरर बनाम राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच बनाम डोमिनिक थीम के बीच सेमीफाइनल मैच 14 हजार की दर्शक संख्या वाले फिलिप चार्टियर कोर्ट में खेले जाएंगे.
वुमेन टेनिस एसोसिएशन के चीफ एग्जीक्यूटिव स्टीव सिमोन ने महिला और पुरूष वर्ग के लिए टेनिस कोर्ट के चुनाव में हुए भेदभाव पर नाराजगी जाहिर की है. उनके मुताबिक महिला खिलाड़ियों के सेमी फाइनल्स के दोनों ही मैच बाहरी कोर्ट में रखे गए हैं.
वो कहते हैं, “चारों महिला खिलाड़ी बेहतरीन खेल खेलते हुए यहां तक पहुंची हैं. ये उनका अधिकार है कि उन्हें अपना खेल दिखाने का सबसे बेहतरीन मंच दिया जाए. हमें लगता है कि इससे बेहतर समाधान निकाले जा सकते थे. जो फैंस और खिलाड़ियों दोनों के हित में होता.”
महिला सेमीफाइनस के दोनों मैच दौबारा तैयार किए गए फिलिप चार्टियर कोर्ट में होने वाले थे. इसके साथ महिला फाइनल्स भी 08 जून को इसी कोर्ट में होने वाला था.
वहीं पुरुष सेमीफाइनल 7 जून और फाइनल 9 जून के लिए शेड्यूल है. पर 5 जून को हुई बारिश से महिला टूर्नामेंट के साथ ही पुरूष टूर्नामेंट में भी बदलाव करने पड़े.
अगर आज के मैच में बारिश होती है तो महिला फाइनल्स 9 जून और पुरुष फाइनल्स 10 जून को खेला जाएगा.
वहीं टूर्नामेंट के डायरेक्टर गाई फॉरगेट ने टेनिस कोर्ट के आवंटन में हुए भेदभाव से साफ इनकार किया. उन्होंने कहा कि हमारे लिए सभी खिलाड़ी समान हैं और हमारी तरफ से भेदभाव नहीं किया गया है.
फ्रांस की पहले नंबर की खिलाड़ी रह चुकी एमिली मोरेस्मो ने आयोजकों के इस फैसला की कड़ी निंदा की है. 49 वर्षीय एमिली ने ट्वीट में कहा, “हमारे टूर्नामेंट के लिए यह बेहद शर्मनाक है. सब मानते हैं कि मैच फेडरर और नडाल के बीच है. पर महिला सेमी फाइनल के दो मैच सुबह ग्यारह बजे मुख्य कोर्ट की जगह दूसरे कोर्ट में रखकर हम क्या संदेश दे रहे हैं?”
एमिली का मानना है कि महिला और पुरुष सेमी फाइनल चार्टियर और 12 हजार दर्शकों वाले लेंगलेन कोर्ट में बांटे जाने चाहिए थे.