अब मल्टीप्लेक्स सिनेमा में मिलेंगे सिर्फ ई-टिकट
ट्विटर
सरकार ने मल्टीप्लेक्स सिनेमा के लिए इलेक्ट्रॉनिक टिकट सिस्टम अनिवार्य कर दिया है. ये कदम जीएसटी के तहत कर चोरी से बचाव के लिए उठाया गया है. इसके बाद उन रंगीन टिकटों की बिक्री पर रोक लग जाएगी जिन्हें कुछ सिने कॉम्पलेक्स अभी तक बेच रहे हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया आधिकारिक सूत्रों के हवाले से लिखता है कि अब पंजीकृत सिनेमा हॉल को टैक्स इनवॉयस देना होगा और इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक टिकट बनाने होंगे. पीवीआर की अगुआई में बहुत सारे मल्टीप्लेक्स पहले से ही ई-टिकट बना रहे हैं.
टैक्स सलाहकारों के मुताबिक ये नियम आगे आने वाले महीनों में सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल पर भी लागू किया जा सकता है.
जीएसटी काउंसिल के निर्णय के साथ ही मल्टीप्लेक्स भी बी2सी (ग्राहक से बिजनेस) के तहत इलेक्ट्रॉनिक इनवॉयस परीक्षण के अंतर्गत आ गए हैं. ये अभी तक बी2बी यानी कि बिजनेस से बिजनेस के बीच होने वाले लेनदेन में ही जरूरी होता था.
जानकारों के मुताबिक इस नियम की शुरुआत बी2सी लेनदेन में इलेक्ट्रॉनिक इनवॉयस को अनिवार्य करने की ओर एक कदम है. नगदी में लेनदेन होने के चलते वो रिकॉर्ड में नहीं आ पाता था, जिससे टैक्स चोरी आसान हो जाती थी. इससे व्यवस्था में काले धन में भी इजाफा होता है.
केंद्र और राज्य दोनों ही टैक्स चोरी पर ध्यान केंद्रित करते हुए फेक इनवॉयस को रोकने वाले तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ पहली बैठक में जीएसटी काउंसिल ने बी2बी लेनदेन में ई-इनवॉयस को लागू करने का फैसला लिया था.
पीडब्ल्यूसी इंडिया के प्रतीक जैन कहते हैं, “ये प्रणाली प्राथमिक तौर पर केवल बी2बी में लागू की जा सकी थी, लेकिन अब सिनेमाघरों के माध्यम से इस बी2सी में भी लागू किया जा रहा है. अगर ये परीक्षण सफल रहता है तो इसे पूरे बी2सी सिस्टम में लागू किया जा सकता है.”