कमाई में कमी दिखाने वाले कारोबारियों को आयकर विभाग का नोटिस
वित्त वर्ष 2019 में कमाई में 20 फीसदी या उससे अधिक की कमी दिखाने वाले जीएसटी से जुड़े कारोबारियों को पिछले कुछ सप्ताह से आयकर विभाग की ओर से लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं. अंग्रेजी अखबार फाइनेंसियल एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है. विभाग की ओर से ऐसे कारोबारियों से नोटिस भेजकर कमाई में कमी आने की वजह पूछी जा रही है और संबंधित डॉक्युमेंट मांगे जा रहे हैं.
आयकर विभाग को ऐसे मामलों में नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था से टैक्स बचाने की आशंका है. सूत्रों के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद सरकार के पास डेटा का ढेर लग गया है. इसमें कस्टम और प्रत्यक्ष कर विभाग की सूचनाएं भी शामिल हैं.
अलग-अलग आयकर व्यवस्थाओं के अंदर टैक्स रिटर्न की आपस में तुलना करने पर जीएसटी आईटी सिस्टम इसमें कई तरह की खामियां दिखाता है.
कमजोर हो रही अर्थव्यवस्था जैसे वास्तविक कारणों की वजह से जिन कंपनियों की कमाई(रेवेन्यू) में कमी आई है उन्हें भी नोटिस भेजे जा रहे हैं. फाइनेंसियल एक्सप्रेस के मुताबिक करार खत्म होने की वजह से रेवेन्यू में कमी आने के मामले में एक मल्टीनेशनल कंपनी को आयकर विभाग की ओर से नोटिस भेजे गए हैं. एक अन्य मामले में इनपुट टैक्स क्रेडिट डॉक्युमेंट देने को कहा गया है.
एएमआरजी एंड एसोसिएट से जुड़े रजत मोहन ने कहा कि नियम से कारोबार करने वालों को इन नोटिस से चिंता नहीं है बल्कि नोटिस की वजह से खर्च बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि इन नोटिस का जवाब देने के लिए प्रोफेशनल लोगों की मदद लेनी पड़ती है जिसकी वजह से एक लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है.
जीएसटी सिस्टम में टैक्स चोरी को रोकने के लिए कई तरह के डेटा मांगे जाते हैं बावजूद नकली इनवॉयस दिखाकर टैक्स चोरी की संभावनाओं से इनकार नहीं की जा सकती है. सीएजी ने इस बात का जिक्र संसद में किया है. अगले साल तक नई रिटर्न व्यवस्था आने की उम्मीद है.
आयकर विभाग ने जीएसटी लागू होने के बाद 1.2 लाख करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का अनुमान लगाया है. जीएसटी लागू होने के बाद 12,000 करोड़ रुपये की टैक्स की चोरी पकड़ी गई है. जानकारों का मानना है कि यह वास्तविक टैक्स चोरी का केवल 10 फीसदी है. वित्त वर्ष 2019 में लक्ष्य से 60,000 करोड़ रुपये कम कर का संग्रह हो पाया था.
चालू वित्त वर्ष में 11.89 लाख करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है. यह प्रति महीने एक लाख करोड़ से भी कम है.