ममता बनर्जी की मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश की है. ममता बनर्जी ने कहा, ‘केन्द्रीय पुलिस बल हमारे विरुद्ध काम कर रहे हैं. आपातकाल की स्थिति बन गई है. हिन्दू-मुस्लिम के बीच दीवार खड़ी हो गई है और मतदाता बंट गए हैं. हमने चुनाव आयोग से शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ.
उन्होंने कहा, ‘मैंने बैठक की शुरुआत में कहा थी कि मैं मुख्यमंत्री के पद पर नहीं रहना चाहती हूं.’
लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है जहां उसके सांसदों की संख्या साल 2104 के 34 के मुकाबले इस बार घटकर 22 रह गई है. हालांकि टीएससी का वोट प्रतिशत इस बार बढ़ा है. उसे साल 2014 के 39 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 43 प्रतिशत वोट मिले हैं लेकिन वह दक्षिण बंगाल के आदिवासी बहुल जंगलमहल और उत्तर में चाय बागान वाले क्षेत्रों में अपना गढ़ बचाए रखने में नाकाम रही.
बीजेपी ने राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 18 पर जीत दर्ज की और उसका वोट प्रतिशत साल 2014 के 17 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 40.5 प्रतिशत तक बढ़ गया. यहां तक कि जिन सीटों पर टीएमसी जीती वहां भी बीजेपी दूसरे नंबर पर रही जबकि वाम दल के हिस्से तीसरा स्थान आया.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में दो साल का वक्त है जबकि नगर निगम चुनाव अगले साल हैं. ऐसे में उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना है.
पार्टी के लोगों ने बताया कि दरअसल टीएमसी, बीजेपी के राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के एजेंडे का जवाब देने में नाकाम रही जिससे राज्य में ध्रुवीकरण हुआ.
विश्लेषकों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार से उतरने और ‘जय श्री राम’ का नारा लगा रहे कुछ युवकों को धमकाने वाले वायरल वीडियो से ठीक संदेश नहीं गया और बीजेपी ने चुनाव के ध्रुवीकरण के लिए इस घटना को भुनाया.