…और जलकर खाक हो गया इतिहास का एक हिस्सा
ट्विटर
पूरा फ्रांस असहाय होकर देखता रहा और उनके इतिहास का एक अहम हिस्सा जलकर खाक हो गया. नोट्र-डाम चर्च पेरिस के लैंडमार्क के रूप में जाना जाता था. इस इमारत के नींव की पहली ईंट 1163 में फ्रांस के शासक लुई छठे ने रखी थी. वैसे तो इस चर्च की ये इमारत 13वीं सदी में बन गई थी. लेकिन इस पर 17वीं और 18वीं सदी में भी काम हुआ.

इमारत में आग लगने के कुछ समय बाद ही इसकी छत ढह गई और फिर इसके वजूद का परचम लहराता इसका शिखर जमींदोज हो गया.

कभी नए साल के स्वागत में सजा हुआ चर्च ऐसा दिखता था.

इस घटना पर दुखी होकर फ्रांस और अमेरिका सहित दुनियाभर के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बेहद भावुक संदेश में कहा कि अपने वजूद के एक हिस्से को जलता हुआ देखकर उन्हें बेहद तकलीफ हो रही है. इस दौरान आग बुझाने की तमाम कोशिशें बेकार हो गईं.

खाक हो जाने से पहले ऐसा दिखता था चर्च के अंदर का हिस्सा.

यहां सिर्फ एक इमारत नहीं जली तमाम इतिहास जलकर मिट्टी में मिल गया.

1831 में लिखा गया विक्टर ह्यूगो का मशहूर नॉवेल ‘दि हंचबैक ऑफ नोट्र-डाम’ इसी चर्च पर केंद्रित है.