निजी क्षेत्र के लिए ये समय काफी चुनौतीपूर्ण है: एलएंडटी अध्यक्ष एएम नाइक


Private sector going through tough times : L&T chairman A M Naik

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लार्सन एंड टूब्रो (एल एंड टी) कंपनी के अध्यक्ष एएम नाइक ने कहा है कि इस वर्ष भारत का सकल घरेलू उत्पाद 6.5 फीसदी तक रहेगा और अगले 18 महीनों तक खर्च में किसी भी तरह की बढ़ोत्तरी की संभावना नहीं है.

एक अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में उन्होंने कहा, “इस साल वृद्धि 6.5 फीसदी से अधिक होने का कोई अनुमान नहीं है. हालांकि सरकार दावा करती है कि यह 7 फीसदी हो जाएगा लेकिन मेरे हिसाब से अगर हम 6.5 फीसदी भी बरकरार रख पाएं तो हम खुशनसीब होंगे. मेरे हिसाब से सरकार को मालूम है कि हमारी अर्थव्यवस्था में मंदी छाई हुई है.”

उन्होंने कहा कि “रफ्तार में तेजी आने में कम से कम एक से डेढ़ साल का समय लगेगा.”

भारत के उपर कर्ज बढ़ने को लेकर नाइक ने कहा, “निवेश के लिए यह वक्त निजी क्षेत्रों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है. सिर्फ एक तिहाई कंपनियां ही खुद को बरकरार रखने में कामयाब हुई हैं. बाकि कंपनियों को उधार चुकाने के लिए जो उनके पास है वो बेचना पड़ रहा है.”

उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के कंपनियों द्वारा क्षमता उपयोगिता स्तर के डेटा पर भी संदेह जताया है. उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के डेटा और सत्यता पर सवाल उठाया है.

उन्होंने कहा, “स्थिती चुनौतीपूर्ण है. सरकार की कही हुई बात का कितना यकीन किया जाए. यह एक ऐसा फैसला है जो खुद करना है. और एल एंड टी में हम यही कर रहे हैं.”

नाइक ने कहा कि भारत अब तक अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध से उत्पन्न अवसरों को भुनाने में सक्षम नहीं था. उन्होंने कहा, “अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध में कई उद्योग थाईलैंड और वियतनाम में स्थानांतरित हो गए हैं, लेकिन भारत में क्यों नहीं आए?”

उन्होंने कहा, “दो साल से अमेरिकी राष्ट्रपति चीन से बाहर जाने वाले उद्योगों के बारे में बात कर रहे हैं. कितने भारत में आए हैं? हम चुनावों में व्यस्त थे और हमने कुछ नहीं किया लेकिन हमें अब कुछ करना चाहिए.” नाइक ने कहा कि सरकार को अब चुनावों के दौरान किए गए अपने वादों को निभाना चाहिए. अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने पहले के गुजरात मॉडल को उद्योग के लिए मंजूरी में तेजी लाने के लिए दोहराया जाना चाहिए.

सभी औद्योगिक अनुमतियों का रास्ता साफ करने के लिए एक विशेष डेस्क होनी चाहिए. अभी बहुत खुलेपन और कई सुधारों की आवश्यकता है.


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