हक़ के लिए सड़क पर आदिवासी
ये कोई दो दशक पुरानी लड़ाई हैं, जो हिंसा और आंदोलन के साथ मीडिया की सुर्खियों में आता है और फिर ठंडा कर दिया जाता है। मगर अंतरविरोध की राख के नीचे दबी चिन्गारी एक छोटे सी हवा के झोंके के साथ सुलग पड़ती है 18 मार्च को भी कुछ ऐसा ही हुआ जब लांझीगढ़ के लोगों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। दो लोगों की जान चली गई और फिर मुद्दा सतह पर आ गया। इस मुद्दे की पड़ताल करती ये खास चर्चा।