यूनाइटेड नेशन के ताजा आंकड़े कह रहे हैं कि 156 देशों की रैंकिंग में हम 140 वें पायदान पर पहुंच गए हैं। लोगों में इतना ग़ुस्सा क्यों है ? क्या ये फ्रस्टेशन है या किसी खास मनोदशा में छिपा हुआ दर्द है ?