अतिथि शिक्षकों के भरोसे क्यों नौनिहाल


 

जब हम दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में पांचवे नंबर को छूने को बेताब हैं तब हमारे बच्चे स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के लिए तरस रहे हैं। देश में शिक्षा के अधिकार कानून को लागू हुए 10 साल होने को हैं लेकिन आज तक हम अपने स्कूलों को शिक्षकों के मामले में सक्षम नहीं कर पाए हैं। आज भी हमारे देश के स्कूलों में शिक्षकों के 27 फीसदी पद खाली पड़े हैं जिन्हें ठेके के शिक्षकों के भरोसे चलाना पड़ रहा है। कई आंकड़े और सर्वे बताते हैं कि 10 फीसदी स्कूल तो सिर्फ एक शिक्षक के दम पर चल रहे हैं। पूरे देश के स्कूलों में 10 लाख से ज़्यादा शिक्षकों की कमी है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है ?


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