सीबीआई अवैध खनन मामले में अखिलेश यादव से कर सकती है पूछताछ
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में साल 2012 से 2016 के बीच हुए अवैध रेत खनन के मामले में सीबीआई प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री गायत्री प्रजापति से पूछताछ कर सकती है. इस मामले से जुड़ी 14 जगहों पर सीबीआई ने छानबीन की.
सीबीआई ने इस मामले में 2 जनवरी को एफआईआर दर्ज की है. एफआईआर में कहा गया है, ‘‘मामले की छानबीन के दौरान संबंधित अवधि में तत्कालीन खनन मंत्री की भूमिका की भी जांच हो सकती है.’’
एफआईआर के मुताबिक 2012 से 2017 के बीच मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव के पास 2012-2013 के बीच खनन विभाग का अतिरिक्त प्रभार था. इससे उनकी भूमिका जांच के दायरे में आ जाती है. उनके बाद 2013 में गायत्री प्रजापति खनन मंत्री बने थे और चित्रकूट में एक महिला द्वारा बलात्कार की शिकायत के बाद 2017 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था.
हमीरपुर अवैध रेत खनन मामले में 11 लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में शनिवार को 14 स्थानों पर तलाशी ली गई. इन 11 लोगों में आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला, सपा के विधान पार्षद रमेश कुमार मिश्रा और संजय दीक्षित भी हैं. संजय दीक्षित 2017 का विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर लड़े थे, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी.
इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से इस मामले की जांच के आदेश दिए जाने के करीब ढाई साल बाद सीबीआई ने यह कार्रवाई की है.
हाई कोर्ट ने 28 जुलाई 2016 को निर्देश दिया था कि सीबीआई राज्य में अवैध खनन की जांच करे. इसके बाद उसने दो प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी, जिसमें से दो शामली एवं कौशांबी जिलों से जुड़े थे. इन्हें 2017 में प्राथमिकी में तब्दील कर दिया गया था.
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि फतेहपुर, देवरिया, सहारनपुर और सिद्धार्थ नगर जिलों से जुड़े मामले भी जल्द दाखिल किए जाएंगे.
सीबीआई 2012 और 2016 की अवधि के दौरान के अवैध खनन की जांच कर रही है.
यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है, जब एक समय में चिर प्रतिद्वंद्वी रही सपा और बसपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा का मुकाबला करने के लिए आपस में हाथ मिलाने के संकेत दिए हैं.