ब्रिटिश संसद में खारिज ब्रेग्जिट समझौता, आज अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेंगी टेरिजा मे
ब्रिटिश संसद में ब्रेग्जिट समझौते पर मतदान होने के बाद प्रधानमंत्री टेरिजा मे को करारा झटका लगा है. ब्रेग्जिट समझौते के पक्ष में 202 वोट तो विरोध में 432 वोट पड़े हैं. यानि कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ में बने रहने के पक्ष में 432 तो वहीं अलग होने को लेकर 202 वोट पड़े हैं. टेरिजा इस बात की पक्षधर रही हैं कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो जाए.
मतदान में इस हार के बाद उनकी गद्दी पर भी खतरा मंडरा रहा है. हालांकि, टेरिजा मे ने सासंदों से इस पर एक बार फिर से विचार करने का आग्रह किया है.
उल्लेखनीय है कि लगभग 18 महीने तक चली बातचीत के बाद नवंबर 2018 में यूरोपीय संघ के साथ ब्रेग्जिट समझौते पर सहमति हो पाई थी. इसके बाद दिसंबर 2018 में भी इस समझौते को लेकर निम्न सदन में मतदान कराए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन हार के डर से इसे टाल दिया गया था.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि समझौते पर हो रही इस वोटिंग में प्रधानमंत्री टेरिजा मे की कंजरवेटिव पार्टी के कई सांसद भी उनके विरोध में उतर आए. कंजरवेटिव पार्टी के 118 सांसदों ने विपक्षी खेमे के साथ मिलकर इस बिल के खिलाफ वोटिंग की.
ब्रेग्जिट समझौते के खारिज होने के बाद विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के साथ ही टेरिजा मे से इस्तीफा देने की भी मांग की है. वहीं, टेरिजा ने प्रस्ताव स्वीकार कर आज बुधवार को इसका सामना करने की बात कही है. टेरिजा मे ने ये भी कहा है कि इस हार का उन्हें पहले से ही अंदाज़ा था. उन्होंने कहा कि लेबर पार्टी के अलावा अगर कोई छोटा दल भी इस प्रस्ताव को लाता तो भी वो इसका सामना करने के लिए तैयार थीं.
बुधवार को सदन में क्या होगा
कॉमन्स की नेता एंड्रिया लेड्सोम की मानें तो साल 2017 में चुनाव की घोषणा के बाद सदन में केवल 90 मिनट ही बहस हो पाई थी. वहीं, आज बुधवार को भारतीय समय अनुसार शाम 4:30 बजे टेरिजा मे संसद में सवालों का जवाब देंगी, सांसदो की बहस का समय शाम 5:30 निर्धारित किया गया है और सुबह 12:30 बजे संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा. लेड्सोम का कहना है कि प्रधानमंत्री से सवालों की प्रक्रिया के बाद सांसदो द्वारा मतदान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
अगर विपक्षी लेबर पार्टी जीती तो क्या होगा ?
सदन में अगर विपक्षी पार्टी के हक में ज्यादा वोट पड़ते है तो दोबारा आम चुनाव कराए जा सकते हैं या फिर 14 दिनों के अंदर टेरिजा मे सरकार एक बार फिर से विश्वास मत हासिल करने का दावा पेश कर सकती हैं. यदि टेरिजा मे ऐसा करने में विफल रहीं तो संसद को भंग कर 25 दिनों के अंतराल में चुनाव कराए जाएंगे.
लेबर पार्टी के जीतने की कितनी संभावनाएं
द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, लेबर पार्टी के जीतने की संभावना लगभग न के बराबर है. रिपोर्ट के मुताबिक, यूं तो सदन में मौजूद कई सांसद टेरिजा द्वारा किए गए ब्रेग्जिट समझौते के खिलाफ हैं लेकिन मतभेद किसी भी तरह लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन के पक्ष में जाता नहीं दिख रहा. कई सासंद पहले ही साफ कर चुकें है कि वे टेरिजा की ब्रेग्जिट डील के समर्थन में तो नहीं लेकिन यदि बात विश्वास मत की आती है तो वे पूरी तरह से टेरिजा के ही साथ है. कॉर्बिन के पक्ष में वोट देने में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं.
ब्रिटेन की संसद आज के दिन टेरिजा के लिए क्या फैसला लाती है, यह देखना अभी बाकी है. लेकिन अपनी गद्दी पर बने रहने के लिए टेरिजा मे पूरी कोशिश कर रहीं है. संसद में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने की हामी भर चूंकि टेरिजा मे ने सांसदो से एक बार फिर अपने फैसले के बारे में सोचने की अपील की है. साथ ही इसे ब्रिटेन के अच्छे भविष्य के निए अहम फैसला करार दिया है .
आपको बता दें, यूनाइटेड किंगडम में साल 1925 तक कुल 11 प्रधानमंत्रियों को अविश्वास प्रस्ताव के बाद अपने पद से हटना पड़ा था. वहीं, 1925 के बाद से केवल एक (जेम्स कैलेघान के खिलाफ) का मामला ऐसा हुआ है.