IMF ने भारत की GDP वृद्धि दर के अनुमान को फिर घटाया


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अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने 2019 और 2020 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान और कम कर दिया है. आईएमएफ ने दोनों वर्षों के लिए वृद्धि दर के अनुमान में 0.3 फीसदी की कमी की है.

आईएमएफ के ताजा अनुमान के अनुसार 2019 में भारत की वृद्धि दर सात फीसदी और 2020 में 7.2 फीसदी रहेगी. आईएमएफ ने कहा कि यह घरेलू मांग में कमी को दर्शाता है.

इससे पहले अप्रैल में जारी इसके अनुमान में बताया गया था कि 2019 में वृद्धि दर 7.3 फीसदी रहने की उम्मीद है, जबकि 2020 के लिए ये अनुमान 7.5 फीसदी बताया गया था.

हालांकि आईएमएफ ने कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा और यह चीन से काफी आगे होगा.

आईएमएफ ने अपने विश्व आर्थिक परिदृश्य ‘अपडेट’ में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2019 में सात फीसदी रहेगी और 2020 में कुछ बढ़कर 7.2 फीसदी पर पहुंच जाएगी. इसकी वजह उम्मीद से कमजोर घरेलू मांग परिदृश्य है.

आईएमएफ ने कहा कि चीन में शुल्क वृद्धि के नकारात्मक प्रभाव और कमजोर बाहरी मांग से पहले से संरचनात्मक सुस्ती झेल रही अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ेगा. कर्ज पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने के लिए चीन को नियामक मजबूती की जरूरत होगी.

आईएमएफ ने कहा कि नीतिगत समर्थन की वजह से चीन की वृद्धि दर 2019 में 6.2 फीसदी और 2020 में 6 फीसदी रहने का अनुमान है.

चिली की राजधानी सैंटियागो में रिपोर्ट जारी करते हुए आईएमएफ की भारतीय मूल की अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि 2019 के लिए वैश्विक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 3.2 फीसदी किया गया है. 2020 के लिए इसे घटाकर 3.5 फीसदी किया जा रहा है.

गोपीनाथ ने कहा कि यह अप्रैल के हमारे अनुमान से दोनों वर्षों के लिए 0.1 फीसदी की कटौती है. उन्होंने कहा कि 2019 के लिए लगाया गया अनुमान उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए नकारात्मक है, जबकि कुछ मजबूत अर्थव्यवस्थाओं के लिए सकारात्मक है.


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