सरकार ने सवर्णों को 10 फ़ीसदी आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी


modi cabinet approves ten percent reservation for upper cast economically backward class

 

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मोदी कैबिनेट ने सवर्णों को खुश करने के लिए 10 फ़ीसदी आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इस नए प्रस्ताव के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण समुदाय को आरक्षण देने की बात कही गई है.

नए प्रस्ताव के मुताबिक 8 लाख सालाना से कम आय वाले आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे. साथ ही ऐसा भी बताया जा रहा है कि 1000 वर्ग फीट से छोटे मकान और 5 एकड़ से कम जमीन होने जैसी शर्तें भी रखी जा सकती हैं.

प्रस्तावित आरक्षण सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दिया जाएगा. यह पहले से चले आ रहे करीबन 50 फ़ीसदी आरक्षण से अलग होगा. इस तरह आरक्षण की सीमा 49.5 से बढ़ कर 59.5 हो जाएगी.

सरकार 8 जनवरी को इस संबंध में संसद में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है. सरकार को इसके लिए संविधान में संशोधन भी करना होगा.

आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के मुताबिक किसी भी नौकरी या शैक्षणिक संस्थान में 50 फीसदी से अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता है.

अगला लोकसभा चुनाव कुछ महीनों में होने ही वाला है. संसद की कार्यवाही भी बंद रहेगी. ऐसे में यह कैबिनेट की तरफ से मंजूर हुई इस बिल का संसद में इतने कम समय में पास होना बड़ी चुनौती होगी. और सबसे बड़ी बात कि इसके लिए सरकार को संविधान में संशोधन करने की जरूरत पड़ेगी.

यह देखना भी दिलचस्प होगा कि मोदी सरकार का यह फैसला सवर्णों को सच में खुश कर पाएगी या चुनावी मौसम में इस समुदाय के खुश होने का बहाना मात्र बन कर रह जाएगी.


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