उत्तर प्रदेश : पीएम मोदी की रैली के बाद प्रदर्शनकारियों के पथराव में पुलिसकर्मी की मौत
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से लौट रही गाड़ियों पर प्रदर्शनकारियों के पथराव करने की वजह से पुलिस हेड कांस्टेबल सुरेश वत्स (49) की मौत हो गई. घटना में दो पुलिस कर्मी सहित चार लोग घायल हो गए.
गाजीपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने बताया कि शनिवार को गाजीपुर के नोहारा पुलिस स्टेशन इलाके में प्रधानमंत्री मोदी की रैली के कारण राष्ट्रीय निषाद पार्टी के कार्यकर्ता शहर में जगह-जगह आरक्षण की मांग लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, जिनको पुलिस प्रशासन ने रोक रखा था. रैली खत्म होने के बाद पार्टी कार्यकर्ता शनिवार को प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए पार्टी के चार कार्यकताओं को छोड़ने की मांग कर रहे थे. कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी शहर से चले गए तब पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर में कई जगहों पर जाम लगा दिया और रैली से लौट रही गाड़ियों पर पथराव करने लगे.
उन्होंने बताया, “इस जाम को खुलवाने में जिले के थाना करीमुद्दीन पुर में हेड कांस्टेबल सुरेश वत्स (48) भी लगे हुए थे. पथराव में एक पत्थर सुरेश के सिर में भी लग गया और वह बुरी तरह से जख्मी हो गए. उन्हें तुंरत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.” उन्होंने कहा कि घटना के दौरान घायल हुए बाकि चार लोगों का स्वास्थ्य अब बेहतर है.
एसएसपी के मुताबिक इस दौरान हुई हिंसा के लिए करीब 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है और वीडियो की मदद से दूसरे प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है. मृत कांस्टेबल सुरेश प्रतापगढ़ के रानीगंज के रहने वाले थे.
प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृत सिपाही की पत्नी को 50 लाख रुपये मुआवजा, एक परिजन को नौकरी और पेंशन देने के निर्देश दिया हैं.
उत्तर प्रदेश में यह इस महीने में हुई दूसरी घटना है जब किसी पुलिस कर्मी को भीड़ की हिंसा में अपनी जान गवानी पड़ी है. इससे पहले 3 दिसंबर को बुलंदशहर में भीड़ की हिंसा के दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी. गोकशी के शक में भड़की इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह को अपनी जान गवानी पड़ी थी.