राफेल को लेकर पूरा देश प्रधानमंत्री से सवाल कर रहा है: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने लोकसभा में राफेल मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पास संसद में आकर सवालों का सामना करने का साहस नहीं है. उन्होनें यह भी कहा कि अब पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राफेल को लेकर सवाल पूछ रहा है. देश जानना चाहता है कि किसके कहने पर सौदा बदला गया. उन्होनें कहा इस मामले में दाल में काला नहीं बल्कि ‘पूरी दाल काली’ है.
लोकसभा में राफेल मामले पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच से इस मामले में ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ हो जाएगा.
गांधी ने इस मामले से जुड़े गोवा के एक मंत्री की कथित बातचीत का ऑडियो प्ले करने की इजाजत मांगी, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने ऑडियो या इसका लिखित ब्योरा पढ़ने की इजाजत देने से इनकार कर दिया.
वहीं वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि यह वीडियो झूठा है.
इस बीच हंगामे के दौरान सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई.
राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार के समय वायुसेना के कहने पर 126 राफेल विमान खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने नए सौदे में इसे 36 विमान तक सीमित कर दिया.
उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया, “किसके कहने पर यह किया गया? क्या वायुसेना ने यह सब कहा था? क्या यह सही नहीं है कि रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने 1600 करोड़ रूपये की नई कीमत पर आपत्ति व्यक्त की थी?”
राहुल गांधी ने सवाल दागते हुए सरकार से पूछा कि. जब सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएएल को विमान बनाने का 70 साल का अनुभव है तब यह ठेका छीन कर प्रधानमंत्री ने अपने दोस्त अनिल अंबानी की कंपनी को क्यों दिया? गांधी के दावे के मुताबिक इससे देश को 40 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है.