मेघालय: मजदूरों को तलाशने खदान के भीतर जाएंगे बचावकर्मी


rescue team to go inside meghalaya mine again

 

प्रशासन की लापरवाही और विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के चलते मेघालय की एक खदान में फंसे 15 मजदूरों को निकालने के अब तक सारे प्रयास विफल हो चुके हैं. पानी का स्तर जांचने और दूसरे जरूरी प्राथमिक कदमों के बाद आज एक बार फिर से एनडीआरएफ की टीम मजदूरों को ढूंढने के प्रयास में लग गई है.

इससे पहले बीते शनिवार को एनडीआरएफ के गोताखोर खदान के भीतर पानी में उतरे और पानी के स्तर और मार्ग आदि के आंकड़े जुटाए. एनडीआरएफ के सहयाक कमांडेंट संतोष कुमार सिंह ने बताया कि खदान में पानी का स्तर 77 से 80 फुट तक ऊंचा होने का अनुमान है.

सिंह ने कहा, “नौसेना के गोताखोर और मैं खदान के भीतर गए और प्रांरभिक तैयारी की गई. मुझे उम्मीद है कि सभी बचाव एजेंसियां सवेरा होने के साथ ही अभियान शुरू कर देंगे.”

इससे पहले मानव श्रम और मशीनों से जुड़े तकनीकी कारणों के चलते अभियान को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था. दुर्घटना के 17 दिन बीत जाने के बाद भी जरूरी एहतियाती कदम नहीं उठाए जाने के कारण राज्य और केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. इसके लिए विपक्ष ने केंद्र सरकार की आलोचना भी की थी.

खबरों के मुताबिक अब गोताखोरी के विशेष उपकरणों से लैस नौसेना की 15 सदस्यों की टीम शनिवार को सुदूर गांव लुमथारी में आपदा स्थल पर पहुंची है.

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा अग्निशमन एवं आपात सेवाएं खदान से पानी निकालने के लिए आज कुछ बड़े पंप भी उपलब्ध कराएगी. इससे पहले प्रशासन की ओर से 25 हार्स पावर के पंप दिए गए थे, जिनसे पानी निकालना संभव नहीं हो पाया था. जबकि बचावकर्मी लगातार 100 हार्स पावर पंपों की मांग कर रहे थे.

खबर है कि धनबाद के इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स से विशेषज्ञों की एक टीम भी शनिवार को यहां पहुंची है. उनके साथ एक खदान दुर्घटना में कई लोगों की जान बचाने वाले पंजाब के विशेषज्ञ जसवंत सिंह गिल भी यहां पहुंचे हैं जो अभियान में मदद करेंगे.

इस खदान में 13 दिसंबर को पानी भर गया था. बताया जा रहा है कि ये पानी पास की लितेन नदी में उफान से आया था.

मजदूरों के जिंदा निकलने की उम्मीद अब ना के बराबर है. फंसे हुए सात मजदूरों का परिवार पहले ही उनके जिंदा बाहर निकलने की उम्मीद छोड़ चुका है और अंतिम संस्कार के लिए सरकार से उनके शव को बाहर निकालने का आग्रह किया है.


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