वीवीपीएटी मिलान मामले में विपक्ष की समीक्षा याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई
ईवीएम और वीवीपीएटी मिलान मामले में विपक्ष की समीक्षा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते सुनवाई के लिए सहमत हो गया है.
इससे पहले 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को आदेश दिया था कि हर विधानसभा में एक की बजाए पांच बूथों पर ईवीएम-वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान होगा. सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश पर पार्टियों ने यह समीक्षा याचिका दायर की है.
इससे पहले हर एक विधानसभा में एक मशीन के मिलान का नियम लागू था.
याचिका में इन पार्टियों ने अदालत से मांग की है कि वह चुनाव आयोग को ईवीएम से वीवीपीएटी के 50 फीसदी मिलान करने का निर्देश दे.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा की मांग की और कहा, ‘‘एक से पांच तक (मतदान केन्द्र) बढ़ाना एक उचित संख्या नहीं है और अदालत के इस फैसले से वांछित संतुष्टि नहीं होती है.’’
याचिका में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच से मामले में तुरंत सुनवाई का अनुरोध किया गया है.
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मुन सिंघवी ने पीठ से कहा कि पुनर्विचार याचिका को सुनवाई के लिए अगले सप्ताह सूचीबद्ध किया जाए.
पीठ ने सिंघवी की दलील स्वीकार करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई अगले सप्ताह की जाएगी.