वैश्विक समुदाय को इसके लिए साथ काम करना होगा.
विशेषज्ञों और कारोबारी लोगों के अनुसार यह सूचकांक 180 देशों के सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के स्तर को दिखाता है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसएसजी, गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) और सीआईडी घाटी में उन पर लगातार नजर रख रही है.
नसीरुद्दीन शाह ने द वायर को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें गंभीरता से ना लें.
सुखबीर बादल को लिखे अपने पत्र में अमरिंदर सिंह ने कहा, “विधेयक को संसद के दोनों सदनों और विधानसभा में समर्थन देना और दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर इसका विरोध करना एक नेता के लिए अशोभनीय है.”
वहीं राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने ट्वीट करके सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों को अनदेखा ना करने के लिए कहा है.