मंदी के संकेतों के बीच सोने में निवेश कर रहे हैं अमेरिकी व्यापारी


amid fears of global recession traders flock to gold

 

वैश्विक मंदी के डर के बीच अमेरिकी निवेशक लगातार सोने में निवेश कर रहे हैं. बीते कुछ समय से सोने की कीमतों में लगातार उछाल जारी है. मंदी की आशंकाओं के बीच इस साल अब तक सोने की कीमतों में 18 फीसदी का उछाल आया है.

लाइव मिंट के मुताबिक फंड मैनेजर के हालिया सर्वे में बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) ने कहा कि अगले 12 महीनों में वैश्विक मंदी की उम्मीद कर रहे फंड मैनेजरों का अनुपात 2011 के बाद सबसे अधिक है. बीते हफ्ते अमेरिका का यील्ड कर्व उलटा हो गया जिसके बाद अब सोने की मांग में और अधिक उछाल देखने को मिल सकता है.

भारत में थॉमसन रॉयटर्स जीएफएमएस में कीमती धातु के वरिष्ठ विश्लेषक ने कहा, “स्थितियां 2008-09 जैसी ही हैं. अमेरिका का यील्ड कर्व उलटा होने की वजह से ही सोने की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है.”

फिलहाल यील्ड कर्व उलटा है और केंद्रीय बैंकों की ओर से छूट के बाद सोने की मांग में और अधिक उछाल आने की संभावनाएं हैं. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि यील्ड कर्व का उल्टा होना मंदी का संकेत है, ऐसे में सोने की मांग में तेजी रहेगी.

विश्लेषकों का मानना है कि यील्ड कर्व का उल्टा होना चेतावनी देता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ रही है. वहीं कुछ विश्लेषक इन तर्कों से असहमति जताते हैं.

सोने में निवेश मांग अधिक बनी हुई है ऐसे में सभी विश्लेषक बॉन्ड यील्ड में बदलाव को मंदी की तरह नहीं देख रहे हैं.

पूंजी अर्थशास्त्र में वैश्विक अर्थशास्त्री साइमन मैकएडम ने कहा, “अमेरिका या अन्य देशों में यील्ड कर्व का उल्टा होना हमें भविष्य में गिरवाट को लेकर बेहद कम जानकारी देता है. फिलहाल जो आंकड़ें सामने आ रहे हैं वो सुस्ती की ओर संकेत कर रहे हैं ना कि गिरावट की ओर.”

सोने के बाजार पर नजर डालें तो पता चलेगा कि भविष्य में मंदी की आशंकाओं को देखकर व्यापारी कीमती धातुओं को खरीदकर कुछ आश्वसत होना चाहते हैं.

सुदेश नंबीथ, भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद में भारत स्वर्ण नीति केंद्र के प्रमुख ने कहा, “हाल के समय में सोने के दामों में बढ़ोतरी दिखाता है कि निवेशक वैश्विक मंदी के डर से अपनी संपत्ति में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि ये उछाल केवल कुछ समय नहीं रहने वाला है, आगे आने वाले समय में दाम मुख्यता नीति आदि पर निर्भर करेंगे.”

अमेरिका-चीन के बीच व्यापार युद्ध के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता और अधिक गहरा गई है. यूबीएस एजी के विश्लेषकों ने कहा कि “यूएस-चीन व्यापार तनाव में उतार चढ़ाव और यूएस द्वारा रियल ब्याज दर में कटौती सोने की कीमतों में बदलाव के पीछे सबसे बड़े कारण रहे हैं जो आने वाले समय में वित्तीय निवेशकों की पकड़ को प्रभावित करते रहेंगे.”

वहीं दूसरी ओर केंद्रीय बैंक भी लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं.

सोने के मौजूदा दाम 1515.10 डॉलर प्रति औंस है. जो सितंबर 2011 में रहे सबसे ऊंचे दाम 1,921.15 डॉलर प्रति औंस से कम है. रुपये में देखें तो बीते हफ्ते सोने के दाम ₹37,799 प्रति 10 ग्राम थे, जो फिलहाल ₹37,476 प्रति 10 ग्राम है.


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