अगली तिमाही में ऑटो इंडस्ट्री से जा सकती हैं 10 लाख नौकरियां
अगली तिमाही में ऑटो उद्योग में और अधिक नौकरियों की जाने की संभावना है. उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि सेल्स, तकनीक, पेंटिंग, वेल्डिंग, कास्टिंग और सेवाओं से जुड़ी नौकिरियों पर खतरा मंडरा रहा है.
एसीएमए के निदेशक विन्नी मेहता ने बताया, “ऑटो उद्योग मंदी से गुजर रहा है. पिछले कुछ महीनों में यहां एक लाख नौकरियां जा चुकी हैं. अगर यह मंदी बनी रहती है तो अगले 3-4 महीनों में 10 लाख नौकरियां और जा सकती हैं.”
वहीं फेनो और टीम लीज नाम की दो भर्ती कंपनियों ने आगामी तिमाही में पांच लाख से अधिक नौकरियां जाने का अंदाजा लगाया है.
टीम लीज की सह-संस्थापक ऋतुपर्णा चक्रवर्ती ने कहा, “बहुत तेजी से नौकरियां जा रही हैं, हर एक कंपनी से कम से कम 10 फीसदी नौकरियों की कटौती की जा रही है. ऑटो उद्योग में जारी यह मंदी कम से कम छह से नौ महीने तक रहेगी.”
एसीएमए के अध्यक्ष राम वेंकटरमणी ने बताया कि ऑटो उद्योग में यह मंदी पिछले साल सितंबर में शुरु हुई थी. तब से लेकर अब तक कर्मचारियों के काम करने के घंटों में, उनकी छुट्टियों में 15 फीसदी की कटौती की गई है.
उन्होंने आगे कहा कि आने वाली तिमाही में साढ़े सात लाख कर्मचारियों को निकाला जा सकता है.
बहुत सारी कंपनियों ने फिलहाल नई भर्तियों पर रोक लगा रखी है. पुर्जा निर्माण करने वाली कंपनी मिंडा इंडस्ट्रीज ने नई भर्तियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. हालांकि कंपनी ने अभी तक अपने कर्मचारियों को निकाला नहीं है लेकिन कंपनी का कहना है कि खराब परिस्थितियों में ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को निकाला जा सकता है. कंपनी में कुल 20 हजार कर्मचारी हैं, जिनमें से पांच हजार ठेके पर काम कर रहे हैं.