दिल्ली सरकार वाशिंगटन विश्वविद्यालय के साथ मिलकर प्रदूषण से लड़ेगी


delhi government sign a mou with washington university to tackle pollution

 

राजधानी दिल्ली समेत पूरा एनसीआर इस समय वायु प्रदूषण की कठिन समस्या से जूझ रहा है. इसको लेकर चिंतित दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता के आकलन पर संयुक्त अध्ययन करवाने के लिए वाशिंगटन विश्वविद्यालय के साथ एक समझौते पर दस्तखत किया है.

वाशिंगटन विश्वविद्यालय और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) के बीच हुए समझौते का मकसद अति सूक्ष्म कण पीएम 2.5 का विश्लेषण करना है. इस दौरान इसके स्रोत और तत्वों, जैविक कार्बन और 72 अजैविक तत्वों का विश्लेषण किया जाएगा.

पीएम 2.5 स्तर के जरिए हवा में 2.5 माइक्रोमीटर से छोटे अति सूक्ष्म कणों को मापा जाता है.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि परियोजना की अवधि 18 महीने होगी. एरोसोल एंड एयर क्वालिटी रिसर्च लेबोरेटरी के कर्मी इस काम को करेंगे. संस्था के पास वायु गुणवत्ता समस्या चिन्हित करने की विशेषज्ञता है और यह वायु प्रदूषक की मात्रा घटाने के लिए समाधान भी सुझाएगी.

बताया जा रहा है कि इन आंकड़े से शहर में प्रदूषणकारी स्रोत के बारे में समझने तथा वायु गुणवत्ता बेहतर करने के उपाय तलाशे जाएंगे.

अध्ययन के तहत वायु प्रदूषण और रासायनिक संयोजन के स्रोत की पहचान कर अति सूक्ष्म कणों की जांच की जाएगी. उपाय के साथ ही वायु प्रदूषण रोकथाम के लिए नीति की सिफारिश भी की जाएगी.

इससे पहले प्रदूषण नियंत्रण में फेल होने पर एनजीटी ने दिल्ली सरकार पर जुर्माना भी लगा चुकी है.


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