अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव के चलते ज्वेलरी इंडस्ट्री पर संकट के बादल


india's gems and jewellery sector is in trouble after trump exclude india from gsp

 

अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनातनी के चलते रत्न और आभूषण क्षेत्र गहरे संकट में जाता दिख रहा है. हाल ही में अमेरिका ने भारत को ‘प्राथमिकतओं की सामान्यीकृत प्रणाली’ यानी कि जीएसपी से बाहर कर दिया था. खबरों के मुताबिक भारत के रत्न और आभूषण क्षेत्र को इससे गहरा झटका लगा है.

बीती पांच जून से लागू हुए इस फैसले का भारत के निर्यात पर बहुत सीमित असर बताया जा रहा है. लेकिन इससे जो क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे उनमें रत्न और आभूषण क्षेत्र सबसे ऊपर है.

अंग्रेजी अखबार लाइव मिंट रेटिंग एंड रिसर्च एजेंसी क्रिसिल के हवाले से लिखता है, “जीएसपी से भारत के बाहर होने से रत्न और आभूषण क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित होगा क्योंकि साल 2018 में 15 फीसदी ऐसे निर्यात ने जीएसपी से फायदा उठाया था. अब जीएसपी के हटने से लगभग सात फीसदी अतिरिक्त टैक्स देना होगा. इससे घरेलू निर्यातकों की प्रतियोगी क्षमता में कमी आएगी जिससे मार्जिन पर असर पड़ेगा.”

ये सब ऐसे मौके पर सामने आ रहा है, जब भारतीय जॉब मार्केट बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है.

सात जनवरी को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में वाणिज्य मंत्रालय ने कहा था कि रत्न और आभूषण क्षेत्र ने 2017-18 में करीब 50 लाख लोगों को रोजगार दिया.

जानकारों का मानना है कि मैक्सिको और कनाडा जैसे देशों से प्रतियोगिता बढ़ने के साथ ही आंतरिक समस्याएं भी सामने आएंगी. इसके चलते लागत में कमी लाने की कोशिश की जाएगी. इसके तहत सबसे पहले श्रम शक्ति घटाने का प्रयास होगा, जिससे अंत में नौकरियों पर खतरा पैदा होगा.

इन सबके बीच इस बात पर गौर करना होगा कि रत्न और आभूषण क्षेत्र पहले ही बाजार में नगदी की कमी के चलते समस्याओं से जूझ रहा है.

अगर मई महीने के व्यापार आंकड़ों पर नजर डालें तो एक बात साफ है कि लेबर आधारित निर्यात में कमी आई है. इनमें रत्न और आभूषण क्षेत्र भी आता है. रिजर्व बैंक का मासिक डाटा दिखा रहा है कि इस क्षेत्र में क्रेडिट का प्रवाह 3.9 फीसदी की दर से गिरा है. जो अप्रैल में गिरकर 66,700 करोड़ पहुंच गया. इसके पीछे एक कारण जीएसटी और नोटबंदी भी रहा है.

इस क्षेत्र में फंड का प्रवाह जिस वजह से सबसे ज्यादा प्रवाहित हुआ है वो पंजाब नेशनल बैंक घोटाला. इस घोटाले में गीतांजलि समूह के मेहुल चोकसी मुख्य आरोपी हैं.

केयर रेटिंग्स के मुताबिक, वित्तीय घाटों के अलावा केवल इस घोटाले के कारण कम से कम 3,000 लोगों का रोजगार छिन गया. ये ऐसे लोग थे जो गीतांजलि जेम्स और फायर स्टार डायमंड में स्थाई कर्मचारी थे. इसके अलावा इस घोटाले से करीब से सात से आठ हजार अस्थाई कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं.

कुल मिलाकर मामला ये है कि अभी इस क्षेत्र के हालात और बिगड़ने की संभावना है. भू राजनीतिक तनाव के चलते मांग प्रभावित तो होगी ही साथ में कड़े कर्ज संबंधी नियमों से पूंजी प्रवाह की कमी क्षेत्र को और दबाव में डालेगी.


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