सबरीमला मंदिर में प्रवेश करने वाली महिलाएं सुप्रीम कोर्ट पहुंची


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केरल के सबरीमला मंदिर में प्रवेश करने वाली 2 महिलाओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में दोनों महिलाओं कनकदुर्गा और बिन्दु ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि प्रशासन उनके मंदिर प्रवेश का इंतजाम करे और 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराए.

सुप्रीम कोर्ट उनकी याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया है. महिलाओं की तरफ से अदालत में पेश हुई वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट से अनुरोध किया इस मामले की सुनवाई जितनी जल्दी हो सके की जाए. इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि कोर्ट इस पर 18 जनवरी को सुनवाई करेगा.

इंदिरा जय सिंह ने कोर्ट से यह भी कहा कि दोनों महिलाओं की जान को खतरा है. दोनों की सुरक्षा का इंतजाम 24 घंटे किया जाए और उनके पते को सील कवर में रखा जाए.

याचिका में महिलाओं ने ये भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन को यह आदेश दे कि 10 से 50 उम्र तक की महिलाओं को मंदिर में जाने के रास्तों में पूरी सुरक्षा मुहैया कराए. और प्रशासन को यह भी जिम्मेदारी दी जाए कि वह महिलाओं के खिलाफ हिंसा, प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर होने वाले हमलों से भी बचाए.

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से 28 सितंबर 2018 को 10-50 आयु वर्ग की महिलाओं की सबरीमला मंदिर में प्रवेश पर लगी पाबंदी हटाने के बाद दो महिलाओं बिंदु अम्मिनी और कनकदुर्गा ने मंदिर में प्रवेश किया था.

कनक दुर्गा और बिंदु अम्मिनी ने सबरीमला में भगवान अयप्पा के दर्शन को लेकर महिलाओं के खिलाफ सदियों से चली रही परंपरा को तोड़ते हुए प्रवेश किया था. परंपराओं के मुताबिक यहां मासिक धर्म वाली महिलाओं का प्रवेश वर्जित है.

अभी हाल ही में मंदिर में प्रवेश करने वाली कनक दुर्गा ने अपनी सास पर मारने-पीटने का आरोप लगाया था. इस मामले में उन्होनें अपने ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी.


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