चुनाव आयोग ने दी मराठा आरक्षण पर अध्यादेश लाने की अनुमति


supreme court dismissed review petition by devendra fadanvis

 

महाराष्ट्र सरकार को चुनाव आयोग ने आचार संहिता लागू होने के बावजूद पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन में 16 प्रतिशत मराठा आरक्षण लागू करने के लिए अध्यादेश लाने की मंजूरी दे दी है.

चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने के कारण ऐसी अनुमति नहीं दी जा सकती है, लेकिन महाराष्ट्र बीजेपी सरकार को आयोग ने यह अनुमति दे दी है.

अब आयोग से अनुमति मिलने के बाद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने आज इसी सिलसिले में कैबिनेट की मीटिंग बुलाई है. उम्मीद की जा रही है कि सरकार पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन में मराठा आरक्षण अध्यादेश को पारित कर सकती है.

राज्य स्तर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद 30 नवंबर, 2018 को फडणवीस सरकार ने सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ा वर्ग के तहत मराठा समुदाय को शिक्षा और नौकरी में 16 प्रतिशत को आरक्षण दिया था.

हालांकि 2 मई को बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर बेंच ने  एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा था कि यह इस साल होने वाले  पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एवं डेंटल कोर्स में होने वाले एडमिशन पर लागू नहीं होगा.

हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने बाद में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था जिसने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था.

इससे पहले जानकारी थी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत महाराष्ट्र सरकार पोस्ट ग्रेजुएट  मेडिकल पाठ्यक्रमों में मराठा विद्यार्थियों को प्रवेश देने से संबंधित समस्या के हल के लिए अध्यादेश जारी करने समेत तमाम दूसरे विकल्पों पर विचार कर रही है.


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