सीबीआई निदेशक विवाद मामले में सुनवाई 16 नवंबर को


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केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा के खिलाफ अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सोमवार को सीलबंद लिफाफे में उच्चतम न्यायालय में दाखिल की.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने लेकिन इस संबंध में कहा कि रजिस्ट्री रविवार को भी खुली हुई थी, लेकिन रिपोर्ट दाखिल करने के संबंध में रजिस्ट्रार को कोई सूचना नहीं दी गई.

सॉलिसीटर जनरल ने इस पर माफी मांगते हुए कहा कि हालांकि वो परिस्थितियों के बारे में स्पष्टीकरण नहीं दे रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट सौंपने में उनकी तरफ से देर हुई.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया और मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की.

सुनवाई के दौरान सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव ने भी एजेंसी प्रमुख के तौर पर 23 अक्टूबर के बाद से अब तक किए गए अपने फैसलों के बारे में रिपोर्ट दाखिल की.

सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एके पटनायक ने सीवीसी जांच की निगरानी की थी, जो 10 नवंबर को पूरी हुई है.


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