पेंशन पर सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ बंद रहा फ्रांस


thousands protest against pension overhaul in france

 

फ्रांस में लाखों की संख्या में लोग पेंशन पर सरकार के हालिया प्रस्ताव के विरोध में पांच दिसंबर को सड़कों पर उतरे. यूनियन कर्मचारियों का कहना है कि इस फैसले के बाद लाखों कर्मचारियों को अधिक समय तक काम करना होगा और उनको मिलने वाले लाभ में भी कमी आएगी. प्रदर्शन के चलते स्कूल बंद रहे. टीजीवी ट्रेन और क्षेत्रीय रेल सेवाएं इस दौरान रद्द रहीं. एयर फ्रांस ने 30 फीसदी घरेलू उड़ाने और 15 फीसदी अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रद्द कीं.

सरकार देश में 42 स्पेशल पेंशन स्कीम को हटा कर एक पेंशन स्कीम लाने की तैयारी में है, जिसके बाद लोगों को लंबी उम्र तक काम करना पड़ सकता है या उन्हें मिलने वाली पेंशन की रकम में भी कटौती हो सकती है.

फ्रांस के अलग-अलग शहरों में लोगों ने सरकार के फैसले के विरोध में मार्च निकाले. पेरिस में भी काले कपड़े पहने लोगों द्वारा एक ट्रोली को आग लगाए जाने से पहले विरोध शांतिपूर्ण रहा. ट्रोली में आग लगाने और दुकानों के सीसे तोड़े जाने के बाद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेरिस समेत देश भर में अलग-अलग जगहों पर सात लाख से ज्यादा लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया.

पश्चिमी शहर नानतेस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया.

एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि ‘इस फैसले से सभी लोग प्रभावित होंगे. कोई भी 70 साल की उम्र तक काम नहीं कर सकता है.’

फ्रांस के अधिकारियों ने फिलहाल फैसले पर ज्यादा जानकारी नहीं दी लेकिन माना है कि कामगारों को अब ज्यादा समय तक काम करना पड़ेगा.

सीजीटी यूनियन ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने देश की आठ में से सात तेल रिफाइनरियों को ब्लाक कर दिया है. अगर प्रदर्शन आगे भी जारी रहा तो तेल पूर्ति का संकट खड़ा हो सकता है.


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