अमेरिका ने ईरान की हथियार प्रणाली पर किया साइबर हमला


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अमेरिकी सेना ने ईरान की हथियार प्रणाली पर साइबर हमला किया है. पश्चिमी मीडिया के मुताबिक इन हमलों के लिए कई हफ्तों से योजना बनाई जा रही थी. लेकिन सैन्य हमले के फैसले से पीछे हटने बाद इन साइबर हमलों को अंजाम दिया गया है.

दि गार्डियन एपी के हवाले से लिखता है कि इन हमलों के बाद ईरान की मिसाइल प्रणाली को नियंत्रित करने वाले कंप्यूटरों को हैक कर लिया गया है. ये कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर की गई.

अखबार अज्ञात सूत्रों के हवाले से लिखता है कि इस हमले की व्यापक योजना बनाई गई है. और इसे तेल टैंकर हमलों के बाद वैकल्पिक कार्रवाई के तौर अंजाम दिया गया है. इसके तहत ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कंप्यूटरों को निशाना बनाया गया है.

ट्रंप प्रशासन काफी पहले ही ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है.

ईरान के साथ अमेरिका का टकराव तभी से शुरू हो गया था, जब वो परमाणु संधि से पीछे हट गया था. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ ‘अधिकतम दबाव’ की नीति पर काम करना शुरू किया. और एक बाद एक प्रतिबंध लगाता गया.

लेकिन ईरान ने जब अपने हार्मूज प्रांत में अमेरिकी सर्विलांस ड्रोन मार गिराया तब तनाव चरम पर पहुंच गया. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को तो ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले का आदेश दे दिया था, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया था.

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