यह राजनीतिक क्रांति का युग है: अलेकसैन्ड्रिया ओकैसियो कोर्टेज
अमेरिका की राजनीति में सोशलिस्ट विचारों को लेकर चल रही डेमोक्रेट नेता और हाउस की सदस्य अलेकसैन्ड्रिया ओकैसियो टैक्स प्रस्ताव को लेकर चर्चा में हैं. अलेकसैन्ड्रिया ओकैसियो ने अपने प्रस्ताव में वकालत की है कि 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई पर 70 तक फीसदी टैक्स लगाया जाए. सीबीसी मीडिया के एनडरसन कूपर ने इंटरव्यू के दौरान इसे के एक रेडिकल एजेंडा तक कह दिया था. वहीं इस देश का आबादी का बड़ा हिस्सा उनके प्रस्ताव के समर्थन में दिखाई पड़ रहा है. इसके इतर रिपब्लिकन्स उच्च वर्ग पर कम टैक्स लगाने के समर्थन में हमेशा से रहे हैं.

अमेरिका में रिपब्लिकन राष्ट्रपति रोनाल्ड रिगन से पहले भी उच्च वर्ग पर 70 फीसदी तक टैक्स लगाया गया है. रिगन ने तब आते ही अमीरों के लिए टैक्स कटौती कर 50 फीसदी तक कर दिया था जिसे 1986 में 38 फीसदी कर दिया गया. अभी अमेरिका में 5 मिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई पर 37 फीसदी टैक्स लगाया जाता है. अमेरिकी राष्ट्रपति हाइजेनबर्ग के वक्त इस देश में 20 मिलियन से ज्यादा की कमाई पर 70 फीसदी से ज्यादा टैक्स भी लगाया जाता था.

अमेरिका की करीब 70 फीसदी आबादी लगातार करीब 50 साल से यह कहती नजर आ रही है कि अमीर काफी कम टैक्स चुका रहे हैं. वहां की अवाम पिछले कुछ सालों से सरकार से यह मांग भी रखती आई है अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाकर अमीर और गरीब के बीच के फासलों को कम किया जाए. वहां की अवाम की यही हूक अलेकसैन्ड्रिया ओकैसियो की आवाज में आवाज मिला रही है.

ब्रिटेन की लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने ट्वीट किया कि अलेकसैन्ड्रिया ओकैसियो अपनी राजनीति से खास वर्ग के अधिपत्य को चुनौती दे रही हैं. जेरेमी कोर्बिन ने यहां तक कहा कि हमें पूंजीपतियों के आधिपत्य के खिलाफ लड़ाई को तेज करना होगा. हमें तमाम शोषण और भेदभाव को खत्म कर एक बेहतर दुनिया के निर्माण की तरफ बढ़ना होगा.

डोनल्ड ट्रंप जब संसद के ‘स्टेट ऑफ दि यूनियन’ कर रहे थे तमाम महिला डेमोक्रेट राष्ट्रपति की नीति और उनके झूठे दावों के प्रतिरोध में सफेद कपड़ा पहन कर आ गई. इन सबके बीच अलेकसैन्ड्रिया ओकैसियो भी थीं. अलेकसैन्ड्रिया ने अपने कपड़ों के ऊपर ग्वेटमाला के उस बच्चे की तस्वीर को लगा रखा था, जिसकी अमेरिकी हिरासत में मौत हो गई थी. महिला डेमोक्रेट का सफेद कपड़े में आना सफरगेटे मुवमेंट से जुड़ा है. सफरगेटे मुवमेंट मताधिकार के लिए क्रांतिकारी महिलाओं के संघर्ष से जुड़ा है.

एक छोटे कारोबारी के घर पैदा हुई 29 साल की अलेकसैन्ड्रिया ओकैसियो का बचपन आर्थिक असमानता को देखते हुए गुजरा है. यही वजह है कि तंगहाली को करीब से देखने वाली अलेकसैन्ड्रिया की बातों में असमानता के खिलाफ सिर्फ सहानुभूति के इतर संघर्ष का जज्बा दिखता है. आज की तारीख में उनका नारा बेहतर स्वास्थय और रोजगार, मुफ्त उच्च शिक्षा और सबके लिए न्याय अमेरिका वालों में नई उम्मीद भर रहा है.

अमेरिका की राजनीति में सोशलिस्ट विचारधारा के साथ रिपब्लिकन्स और पूंजीपतियों के आंख की किरकिरी अलेकसैन्ड्रिया का पूरा नाम अलेकसैन्ड्रिया ओकैसियो कोर्टेज है. उन्हें एओसी के नाम से भी पुकारा जाता है. उन्होंने घोषणा की है कि वे कैंपेन के लिए पूंजीपति वर्ग से एक पैसा भी नहीं लेंगी और अपने कैंपेन के लिए पूरी तरह जनता की मदद पर रहेंगी.
सभी तस्वीरें – ट्विटर से साभार