सरकार की तरफ से यह जवाब एक ऐसे समय में आया है, जब नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
पूछताछ के दौरान खुद चिन्मयानंद ने कहा था कि वो अपने किए पर शर्मिंदा है और आगे कोई बयान नहीं देना चाहता.
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी.