पॉपुलिज्म के उभार के बीच यूरोपीय संसद में ब्रिग्जिट पार्टी हासिल कर सकती है सबसे ज्यादा सीटें


populism effect in European Parliament as Brexit Party forecast to take most seats

 

यूरोपीयन यूनियन से नज़दीकी रिश्ते का विरोध करने वाली (यूरोसैप्टिक) ब्रिग्जिट पार्टी जल्द ही यूरोपीय संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है. यूरोप एलेक्ट ने अनुमान लगाया है कि 25 मई को होने वाले यूरोपीय संसद चुनावों में ईयू से नजदीक रिश्तों का विरोध करने वाली पार्टियों का आधार मजबूत होगा.

चुनावों का विषलेषण करने वाले समूह यूरोप एलेक्ट के मुताबिक, पॉपुलिस्ट पार्टियों की दौड़ में यूनाइटेड किंगडम की ब्रिग्जिट पार्टी, इटली की अप्रवासी विरोधी लेगा पार्टी को पछाड़ते हुए पहले स्थान पर आ गई है. बीते हफ्ते के निगेल फ़ाराग की ब्रिग्जिट पार्टी को 25 सीटें मिले थीं, जो अब बढ़कर 28 हो गई हैं.

सूची में ईयू से नज़दीकी रिश्ते का विरोध करने वाली पोलैंड की लॉ एंड जस्टिस पार्टी को चौथा और फ्रांस में मरीन ले पेन की रिसेम्बलमेंट पार्टी पांचवा स्थान हासिल करने में कामयाब हुई.

इस सूची में तीसरा स्थान हासिल करने वाली जर्मनी से एंजेला मर्केल की सेंटर-राइट क्रिस्टन डेमोक्रेटिक यूनियन पार्टी, अकेली ऐसी पार्टी है जो यूरोप के साथ नकदीकी संबंधों का समर्थन करती है.

यूरोप एलेक्ट के संस्थापक के मुताबिक वामपंथ और नरमपंथी पार्टियों के बीच बढ़े अंतर की वजह से ही पॉपुलिस्ट नेताओं का इतनी तेजी से उभार हुआ है. वह कहते हैं,”ईयू से नज़दीकी रिश्ते का विरोध करने वाली पार्टियों में ईयू से रिश्तों का समर्थन करने वाली पार्टियों की तुलना में अधिक एकजुटता है.”

उन्होंने बताया, “इसे हम फ्रांस के उदाहरण से समझ सकते हैं, जहां ईयू से रिश्तों का समर्थन करने वाली सोशलिस्ट, ग्रीन, मैक्रों की पार्टी है. ले पेन की रिसेम्बलमेंट नेशनल मजबूत समर्थन हासिल करने में कामयाब होती दिख रही हैं क्योंकि पार्टी को ईयू से रिश्तों का विरोध करने वाले लोगों का पूरा समर्थन मिला हुआ है. जो दूसरी लेफ्ट पार्टियों की तरह बंटा हुआ नहीं है.”

उन्होंने कहा, माटेओ साल्विनी और उनके सहयोगी 82 सीटों के साथ यूरोपीय संसद में चौथा सबसे बड़ा समूह बनकर उभर रहे हैं. फिर भी अगर समूह को फ़ाइड्ज़ (हंगेरियन सिविक एलायंस) का समर्थन भी मिलता है तो भी पार्टी एएलडीई और मैक्रों के गठबंधन को प्राप्त 109 सीटों के आंकड़े से आगे नहीं निकल सकती है.

अनुमान के मुताबिक यूके में ब्रिग्जिट पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी, जिसका सीधा असर लेबर पार्टी के आधार पर होगा. यूरोपीय संसद में इसका फायदा उदारवादी समूह एलायंस ऑफ लिबरल एंड डेमोक्रेट्स (एएलडीई) को मिलेगा.

इसके साथ ही लेबर पार्टी को फिलहाल दूसरे जनमत संग्रह पर फैसला करना हैं. समूह के आंकड़े बताते हैं कि लेबर पार्टी 1910 से अबतक के सबसे खराब नतीजों का सामना कर सकती है.

पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में उत्तरी आयरलैंड और ग्रेट ब्रिटेन में उदारवादियों की स्थिति काफी बेहतर हुई है. इसके अलावा यूरोपियन पीपल्स पार्टी (ईपीपी) की सीटें कम होती हुई दिख रही हैं. वहीं, ग्रेट ब्रिटेन और फिनलैंड में एएलडीई के वोटरों में काफी बढ़ोतरी हुई है.


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