लोकसभा चुनाव: तीसरे चरण में कई दिग्गज मैदान में


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लोकसभा चुनाव के तीसरे तरण का मतदान कल यानी 23 अप्रैल को होने जा रहा है. इस चरण में 15 राज्यों की कुल 116 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. कल होने वाले मतदान में कई वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होने जा रहे हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी के साथ-साथ केरल में वायनाड संसदीय क्षेत्र से भी चुनाव लड़ रहे हैं. राहुल के खिलाफ एनडीए ने तुषार वेल्लापल्ली को मैदान में उतारा है. वहीं अपनी जीत को लेकर आश्वसत एलडीएफ गठबंधन ने पीपी सुनीर को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.

मैनपुरी सीट से चार बार सांसद रह चुके मुलायम सिंह यादव इस बार यहां से चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2014 में उन्होंने मैनपुरी के साथ ही आजमगढ़ सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था. मुलायम ने दोनों ही सीटों से जीत हासिल कर ली थी, बाद में उन्होंने मैनपुरी सीट छोड़ दी थी. यादव के खिलाफ बीजेपी ने प्रेम सिंह शाक्य को मैदान में उतारा है.

रामपुर में इस बार सपा उम्मीदवार आजम खान और बीजेपी उम्मीदवार जया प्रदा के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है. साल 2014 में खान ने यहां से चुनाव जीता था. जानकारों के मुताबिक जया और खान की बीच करीबी टक्कर देखने को मिलेगी, क्योंकि दोनों ही उम्मीदवारों की सीट पर मजबूत पकड़ है.  इससे पहले चुनाव आयोग ने जया के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के लिए खान के चुनाव प्रचार पर 72 घंटों की रोक लगा दी थी.

दक्षिण कश्मीर के चार जिलों अनंतनाग, कुलगाम, शोपियां और पुलवामा में फैली अनंतनाग संसदीय सीट पर चुनाव इसलिए खास हैं क्योंकि यहां अगले तीन चरणों के दौरान 23 अप्रैल, 29 अप्रैल और छह मई को वोट डाले जाएंगे. पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीए मीर और जज (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी समेत 18 उम्मीदवार मैदान में हैं.

उत्तर प्रदेश की फिरोजाबाद सीट से इस बार चाचा-भतीजा आमने सामने हैं. इस सीट से मौजूदा सपा सांसद अक्षय यादव और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) से उम्मीदवार और अक्षय के चाचा शिवपाल सिंह यादव मैदान में हैं. इस सीट पर चुनाव को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके नाराज चाचा शिवपाल के बीच आर-पार की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से प्रत्याशी शशि थरूर इस बार जीत की हैट्रिक लगा सकते हैं. इस बार थरूर का मुकाबला मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और भाजपा प्रत्याशी कुम्मनम राजशेखरन और भाकपा के विधायक और पूर्व राज्यमंत्री सी दिवाकरन के साथ है.

मधेपुरा में इस बार आरजेडी के दिग्गज नेता शरद यादव और जन अधिकारी पार्टी (जाप) के नेता और वर्तमान सांसद राजेश रंजन ऊर्फ पप्पू यादव आमने-सामने हैं. इस सीट पर नीतीश सरकार में मंत्री और जेडीयू उम्मीदवार दिनेश चंद्र यादव की भी मजबूत उपस्थिति मानी जा रही है. बिहार की राजनीति में मधेपुरा हाई प्रोफाइल सीट मानी जाती है.

गुजरात की गांधीनगर लोकसभा सीट यहां सबसे अहम और वीआईपी सीटों में से एक है. बीजेपी के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी साल 1998 से इस सीट पर जीतते आए हैं. लेकिन इस बार पार्टी ने यहां से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को उम्मीदवार बनाया है. वहीं कांग्रेस ने अमित शाह के खिलाफ गांधीनगर सीट से डॉ सीजे चावड़ा को मैदान उतारा है.

ओडिशा की पुरी लोकसभा संसदीय क्षेत्र इस बार तीन दलों बीजेपी, कांग्रेस और बीजेडी के प्रवक्ताओं के बीच एक दिलचस्प चुनावी लड़ाई का गवाह बनने वाला है. बीजेपी ने यहां राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को मैदान में उतारा है. वहीं मौजूदा सांसद और बीजद के प्रत्याशी पिनाकी मिश्र के अलावा कांग्रेस के सत्यप्रकाश नायक भी आमने सामने हैं.

शरद पवार की पुत्री और एनसीपी की सुप्रिया सुले तीसरी बार चुनाव मैदान में हैं और उनके विरुद्ध बीजेपी ने कांचन कुल को उतारा है. बारामती सीट से शरद पवार सात बार सांसद रह चुके हें और एक बार अजित पवार यहां से सांसद रहे हैं.

कर्नाटक की गुलबर्गा लोकसभा सीट कांग्रेस के लिए काफी अहम है क्योंकि यहां से लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सांसद हैं. खड़गे के खिलाफ बीजेपी ने उमंग जी जाधव और बसपा ने केबी वासु को उम्मीदवार बनाया है. यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है.


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