ये किसी ने नहीं सोचा कि एग्जिट पोल तो एक गैर कानूनी प्रक्रिया है.
अगर हम इतिहास पर नजर डालें तो ये पाएंगे कि मुसलमानों की भागीदारी के बगैर इस देश की आजादी नामुमकिन थी.
यह दंभोक्ति निहायत ही अतार्किक और बेमतलब है कि कोई हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता.
आरएसएस के सामने मुश्किल यह है कि वो अपनी पार्टी के चुनावी उम्मीदवार के बयान से अपना पल्ला कैसे झाड़े तो उसने दबाव डलवाकर प्रज्ञा ठाकुर से माफ़ी मंगवाई.
‘टाइम’ पत्रिका के आवरण पृष्ठ पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को जिस शीर्षक के साथ जगह मिली है उससे न तो उन्हें खुशी हुई होगी न उनकी पार्टी को.
हम सब बच्चे जिसमें सभी धर्मों को मानने वाले शामिल थे कभी भी इन गानों को 'हिन्दू गाना' या 'मुस्लिम गाना' की तरह नहीं देखते थे.