भूमि तो तबसे संकट में है, जबसे मनुष्य अपना नाम लिखकर उसका मालिक बन बैठा.
बाराबंकी की स्कूली बच्ची एक पुलिस अफसर से सवाल करती है तो वह सवाल महज उसका नहीं बल्कि देश भर की बच्चियों का सवाल होता है.
आंबेडकर के भाषण और रचनाओं के संकलन के मुताबिक बाबा साहब अनुच्छेद 370 के खिलाफ नहीं बल्कि कश्मीर में जनमत संग्रह के पक्षधर थे.
भारतीय संविधान में धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों की गहरी जड़ें हैं जो देश की बहुसंख्यक हिन्दू जनता की ही देन है.
इतिहास के मामलों को इतिहास के मैदान में निपटने से आरएसएस हमेशा बचता रहा है.
मेरे पिता ने अपने ऑटोबायोग्राफी में उन सात सालों का ज्यादा वर्णन किया है बनिस्बत के अपने 40 साल के लंबे करियर के जोकि उन्होंने एक शिक्षाविद के रूप में व्यतीत किया था.