'फ्री द निप्पल' कैंपेन की शुरुआत साल 2016 में हुई जब लैकोनिया के तट पर टॉप के बिना योगा की तस्वीर शेयर करने पर स्थानीय कानून के तहत जिंगर पायरो को गिरफ्तार कर लिया गया था.
भारत और पाकिस्तान की सरहद पर 14 अगस्त और 15 अगस्त के बीच की मध्य रात्रि को सैकड़ों महिलाएं और पुरुष मोमबत्ती लेकर जमा हुए और शांति की अपील की.
कश्मीरी औरतों की असल आजादी तब मनेगी जब कश्मीर की औरतें वो सब कर पाए जो वो अपनी ज़िंदगी में करना चाहती हैं.
मुख्यधारा के मीडिया में दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की भागीदारी को लेकर मीडिया पर लगातार सवाल उठते रहे हैं.
पीसी जोशी स्मृति व्याख्यान, 1999 के दौरान किया गया भीष्म साहनी का संबोधन.
रासायनिक खेती के कारण किसान की आदान लागत में काफी बढ़ोतरी हुई.