1951 में बने भारतीय जनसंघ का घोषित उद्देश्य भारत में हिंदू राष्ट्र की स्थापना था.
चुनावी लड़ाई में फिलहाल दोनों गठबंधनों की बराबर की हैसियत दिखाई दे रही है.
छात्रों और युवाओं का यह विद्रोह जलवायु परिवर्तन से होने वाले विनाश पर सरकारों की उदासीनता के खिलाफ था.
नेहरू ने चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते वक्त एलान किया था कि पूरे चुनाव के दौरान वे अब अपने क्षेत्र में प्रचार के लिए नहीं आएंगे.
देश के कुछ कॉर्पोरेट घरानों ने कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने के लिए नरेंद्र मोदी के प्रोजेक्ट पर पैसा लगाया.
आदिवासी गांवों में चले जाएं तो फर्क करना मुश्किल होगा कि मतदाता लोकसभा चुनाव की बात कर रहे हैं या विधानसभा चुनाव की.